
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 नवंबर। शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र, भोजपुर में आत्मा भोजपुर द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय किसान वैज्ञानिक मिलन कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में विभिन्न प्रखंडों से 60 प्रगतिशील किसानों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, डॉ. शोभा रानी ने की।मुख्य अतिथि के रूप में आत्मा के उप-परियोजना निदेशक राणा राजीव रंजन कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए डॉक्टर शोभा रानी ने बताया कि भोजपुर ज़िला के किसानों द्वारा कृषि एवं उससे संबंधित क्षेत्रों में वर्तमान समस्याओं को समझना तथा उनके समाधान हेतु वैज्ञानिक परामर्श प्रदान करना था ताकि किसान कृषि में सफलतापूर्वक आगे बढ़े,अपनी आमदनी को और ज़्यादा बढ़ा पाए।
अध्यक्षता कर रहे डॉ॰ शोभा रानी ने कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए किसानों को जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में नई तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली (IFS), बायोफोर्टिफाइड किस्मों की बुवाई, मोटे अनाजों के उत्पादन, मशरूम उत्पादन एवं संकट प्रबंधन तकनीकों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र, भोजपुर के विभिन्न वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार मौर्य ( सस्य विज्ञान) ने किसानों को रबी एवं खरीफ फसलों के लिए उन्नत खेती तकनीकों, सही पोषण प्रबंधन, जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग तथा जल प्रबंधन की आधुनिक विधियों की जानकारी दी। उन्होंने फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसानों को कम करने के वैज्ञानिक उपाय भी बताए। डॉ. अनिल कुमार यादव ( पौधा प्रजनन विज्ञान) ने जिले की मिट्टी व जलवायु के अनुरूप उपयुक्त अनुशंसित बीज किस्मों, बीज उपचार, गुणकारी प्रजातियों के चयन तथा गुणवत्ता-आधारित बीज उत्पादन तकनीकों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि सही किस्म का चुनाव फसल उत्पादन में 20–25% तक वृद्धि कर सकता है।
डॉ. सचिदानंद सिंह ( कृषि प्रसार) ने किसानों को बाजार-आधारित खेती, मूल्य श्रृंखला , किसान उत्पादक संगठन , डिजिटल कृषि, और सरकारी योजनाओं से लाभ उठाने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “ज्ञान का प्रसार जितना मजबूत होगा, उतना ही कृषि समुदाय मजबूत होगा।”
डॉ. आलोक भारती ( पशु विज्ञान) ने दुधारू पशुओं के संतुलित आहार, टीकाकरण, नस्ल सुधार, बकरी एवं मुर्गी पालन जैसी वैकल्पिक गतिविधियों की उपयोगिता बताई। उन्होंने जोर दिया कि पशुपालन को हर परिवार के लिए नियमित आय का स्रोत बनाया जा सकता है, जिससे जोखिम कम और आय सुरक्षित होती है ।
डॉ. विकास कुमार सिंह ( उद्यान विज्ञान) ने सब्जी उत्पादन, फलदार पौधों की उन्नत प्रजातियाँ, बागवानी में कीट एवं रोग प्रबंधन, नर्सरी प्रबंधन, एवं संरक्षण तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पोषक बागवानी अपनाएँ जिससे परिवार की पोषण सुरक्षा बेहतर हो सके। सभी वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उनके समाधान सुझाए।
किसानों ने बताया कि इस प्रकार की बैठकें उनके लिए अत्यंत उपयोगी हैं इससे वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन प्राप्त होता है जो अत्यंत लाभकारी हैं। कार्यक्रम में आए हुए मुख्य किसानों में विद्या रानी सिंह, बिभा देवी, वीरेंद्र राय, अजब नारायण सिंह, जगनारायण चौधरी, मृत्युंजय प्रसाद सिंह और सत्येंद्र नारायण सिंह थे।सबने आयोजन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र टीम का आभार प्रकट किया।कार्यक्रम नियमित रूप से होना चाहिए।
