आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 10 जून। प्लेटफार्म नं1से 29 मई को रात्रि आठ बजे सुमित गुप्ता,बंधन टोला आरा निवासी ने सूचित किया कि आरएमएस के पास एक मरीज अधेड़, दोनों पैर से जख्मी, लाचार पड़ा है। कृपया मदद की जाए की सूचना मोबाइल से रेड क्रॉस की सचिव डॉ विभा को दी गई। पीड़ित मानवता की सेवा में लगा संगठन और सचिव डा विभा कुमारी ने तत्काल डा दिनेश जी को सूचित की। सबसे पहले दीपक अकेला को सूचित किया गया। जिन्होंने सुबह जाकर देखने की बात कही। फिर अमरदीप कुमार जय को सूचित किया गया।जो बहुत प्रयास किये लेकिन रेल प्रशासन की अनुमति के बगैर संभव नहीं हो सका। सचिव द्वारा पुनः आरपीएफ की महिला अधिकारी सुमन कुमारी को एवं स्थानीय रेलवे स्टेशन मास्टर श्री प्रवीण कुमार को तत्काल सूचना दी गई। आरा जंक्शन के विकास कमेटी के सदस्यों को भी सूचित किया गया। तत्पश्चात सुमन कुमारी इंचार्ज आरपीएफ के सहयोग से उस लावारिस व्यक्ति को स्टेशन परिसर से उठाकर बाहर लाने की अनुमति मिली। पदाधिकारियों को सूचित किया गया। तत्पश्चात् अमरदीप जी द्वारा अस्पताल लाया गया और उनका ड्रेसिंग कराया गया। उन्होंने बताया कि पूरा प्रक्रिया करने में रात्रि के 2:30 बज गए। दूसरे दिन मरीज को देखने और सुविधा पहुंचाने के लिए सचिव डॉ विभा कुमारी, डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा और विजय मेहता अस्पताल गये जहां डॉ नरेश प्रसाद के सहयोग से उसे बेड दिलाया गया।उस समय से लगातार इलाज शुरू हो।
आज भी रेड क्रॉस की ओर से लूंगी, शर्ट, गमछा,खानेका बर्तन इत्यादि मुहैया कराया गया। कल तक उसको ड्रेसिंग के बाद शर्ट पैंट गमछा साबुन इत्यादि के साथ साथ बाजार से अतिरिक्त दवा जो लगा उसके लिए ₹1000 अमरजीत जी को दिया गया। इनका पूरा हुलिया लेने पर पता चला कि यह कृष्णा दुबे उम्र 74 वर्ष,गंगा उस पार मेहंदी पुर सिताबदियारा के निवासी हैं। गंगा के कटाव में इनका गांव सब डूब गया है। इनको कोई नहीं है। ऐसी स्थिति में ये ऐसे ही भटकते हुए पाए गए हैं।अब उनके पैर की स्थिति अच्छी है।

