
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 26 अक्टूबर। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दूसरे दिन छठव्रतियों ने खरना किया। पूरे दिन व्रत रहकर छठव्रतियों ने गुङ का खीर और रोटी बनाया। कई घरों में रोटी की जगह पूङी बनाने का भी प्रचलन है। इसके पहले शनिवार को छठव्रतियों ने नहाय खाय किया। शनिवार को छठव्रतियों ने नहा धोकर अरवा चावल, चना का दाल, लौकी की सब्जी, फूलगोभी का सब्जी, बजका, आंवला का चटनी, धनिया पत्ता का चटनी आदि बनाकर खाया तथा परिजनों, सगे, संबंधियों एवं मित्रों को प्रसाद खिलाया। रविवार को पूरे दिन व्रत रहकर छठव्रतियों ने शाम मे नहा धोकर खरना का पूजा किया।पूजा के बाद छठव्रतियों ने गुङ का खीर और रोटी अथवा पूङी शाम मे ग्रहण किया। पूजा के बाद छठव्रतियों ने अपने परिजनों, सगे, संबंधियों एवं मित्रों को प्रसाद खिलाया। घरों, चौक-चौराहों, गली, मुहल्लों, छठ घाटों तथा सार्वजनिक स्थलों पर बज रहे छठ गीतों से माहौल छठमय हो गया है। छठव्रतियों मे अमृता वर्मा, अश्विनी विश्वास, देवकुमारी देवी, माया देवी, मीरा देवी, मीना देवी, नीतू देवी, अन्नपूर्णा देवी, बिंदू देवी, खूशबू देवी, रूपम देवी, पूनम देवी, अन्नू देवी, ज्योति देवी, अंशू देवी सहित कई महिलाएं शामिल हैं।
