RK TV News
खबरें
Breaking News

बागपत:जिलाधिकारी की मदद से आकांक्षा ने कठिनाइयों को दी मात, रोजगार पाकर जगी नई उम्मीद।

दिव्यांगता शरीर में हो सकती है, लेकिन हौसले और सपनों को कभी कमज़ोर नहीं कर सकती।

ट्राइसाइकिल लेने आई आकांक्षा को जिलाधिकारी ने किया प्रेरित, अब नियुक्ति पत्र संग मिला आगे बढ़ने का हौसला।

दो साल की कठिनाइयों के बाद 28 वर्षीय आकांक्षा ने दिव्यांगता पर पाई जीत, अब नौकरी ने खोली नई राह।

RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)09 सितंबर। कभी-कभी जीवन हमें ऐसे मोड़ पर ले आता है, जहाँ हर राह कठिन और असंभव लगती है। लेकिन कुछ लोग अपने हौसले और जज़्बे से उन राहों को भी मंज़िल बना देते हैं। बागपत के गांव मुकारी की 28 वर्षीय आकांक्षा शर्मा ने यही किया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के सहयोग और मार्गदर्शन से आकांक्षा ने अपनी तकलीफों और चुनौतियों का डटकर सामना किया और अब रोजगार पाकर जीवन में नई शुरुआत करने जा रही हैं।
दो साल पहले एक भयानक सड़क हादसे ने आकांक्षा शर्मा के जीवन को पूरी तरह बदल दिया। इस हादसे में उन्होंने अपने पिता को खो दिया और खुद दिव्यांग हो गईं। उस समय उनकी बैंक की नौकरी भी चली गई और जीवन की राह में अकेलापन उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया। परिवार में उनकी मां, उर्मिला शर्मा, ही उनका एकमात्र सहारा थीं, जबकि भाई-बहन की शादी हो चुकी थी।
हादसे के समय आकांक्षा कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रहीं और डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इन दो वर्षों की अवधि में कठिन परिस्थितियों और सामाजिक तानों के बावजूद उनका हौसला कभी टूटने नहीं पाया। लोग कहते थे, अब तुम कुछ नहीं कर पाओगी। लेकिन आकांक्षा ने अपने मन में ठान लिया कि मैं हार नहीं मानूँगी और कुछ कर दिखाऊँगी। रोजमर्रा की सुविधाओं की कमी, रोजगार के सीमित अवसर और समाज की नकारात्मक सोच के बीच उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी।
हाल ही में आकांक्षा ने दिव्यांग उपकरण वितरण कार्यक्रम में ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन किया। यही वह अवसर था जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने ट्राइसाइकिल वितरित करते हुए उनसे पूछा कि उन्हें क्या सहयोग चाहिए और उनके भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी किया। जिलाधिकारी ने प्रेरित करते हुए उनसे सीवी जमा करने को कहा जिसके आधार पर स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसरों की तलाश की गई। यह पहल आकांक्षा के लिए विश्वास और उम्मीद की नई राह बन गई।
जिलाधिकारी के मार्गदर्शन और प्रशासनिक समर्थन के बाद आकांक्षा का प्रोफाइल स्थानीय उद्योगों में भेजा जिसमें सिसाना स्थित आकृति ज्वेलक्राफ्टज़ उद्योग से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इंटरव्यू की प्रक्रिया उनके लिए चुनौतीपूर्ण थी लेकिन उनका आत्मविश्वास और पूर्व की नौकरी का अनुभव रंग लाया और आज आकांक्षा ने नियुक्ति पत्र प्राप्त कर अपने संघर्ष का फल पाया। खुशी और गर्व के इस पल में आकांक्षा ने कहा कि मैं ट्राइसाइकिल लेने आई थी, लेकिन जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मुझे रोजगार भी दिला दिया और अब मैं जीवन में आगे बढ़ने के लिए फिर एक बार तैयार हूँ। जिलाधिकारी की संवेदनशीलता और सक्रियता ने साबित कर दिया कि हमारे छोटे प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने आकांक्षा को स्वावलंबी बनने और समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर भी दिया।
आकांक्षा अब अपने परिवार की मदद करने, आगे बढ़ने और नए सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित हैं। उनका संघर्ष और सफलता समाज के लिए संदेश है कि दिव्यांग व्यक्ति भी जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह कहानी उन सभी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए प्रेरणा है जो रोजमर्रा की कठिनाइयों और सामाजिक बाधाओं का सामना कर रहे हैं। सही समर्थन, संवेदनशील नेतृत्व और आत्मविश्वास से हर कोई अपने सपनों को साकार कर सकता है।

Related posts

भोजपुर : गंगा ने करनामेपुर थाना को लिया अपने आगोश मे।

rktvnews

राष्ट्रपति ने एम्स, नई दिल्ली के दीक्षांत समारोह को सुशोभित किया।

rktvnews

उपायुक्त के निर्देश पर जनता दरबार के माध्यम से निदेशक डीआरडीए ने सुनी आमजनों की समस्याएं।

rktvnews

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 5,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ “राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए योजना” शुरू की।

rktvnews

रायपुर : डब्लू आर एस कॉलोनी में रावण दहन: राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में उमड़ा उत्साह।

rktvnews

16 से 18 मई तक दरभंगा में होने वाले भाकपा-माले के बिहार राज्य सम्मेलन के लिए प्रतिनिधि चयन हेतु नामांकन शुरू!

rktvnews

Leave a Comment