जिलाधिकारी अस्मिता लाल का आह्वान – पर्यावरण संरक्षण में सभी नागरिक निभाएँ भूमिका।

नदियों का सांस्कृतिक व पर्यावरणीय महत्व पुनः स्थापित करने के लिए जल्द शुरू होगा विशेष अभियान।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)30 अगस्त।जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने शुक्रवार को ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व रखने वाले बरनावा क्षेत्र में कृष्णी नदी के तट पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनरोद्धार का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और नदियों, नालों तथा तालाबों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि “पर्यावरण की रक्षा और जल स्रोतों का संरक्षण केवल शासन-प्रशासन का ही दायित्व नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।”
जिलाधिकारी ने बताया कि जल्द ही जनपद में कृष्णी और हिंडन नदियों के कायाकल्प के लिए एक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जनपद के 29 किलोमीटर लंबे हिस्से में छोटी एवं सहायक नदियों, नालों और जलधाराओं को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त किया जाएगा। मिट्टी, कचरे और अपशिष्ट की सफाई कर उन्हें पुनः जल प्रवाह योग्य बनाया जाएगा ताकि जल का अविरल प्रवाह सुनिश्चित हो सके।
इस व्यापक अभियान से जनपद में जल संग्रहण क्षेत्र में वृद्धि होगी। जल संचय के कारण भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। इससे कृषकों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और जनपद के 12 गाँवों – असारा, अशरफाबाद थल, इब्राहीमपुर माजरा, कंडेरा, गांगनौली, दादरी, बरनावा, बामनौली, मौजिजाबाद नांगल, रंछाड़, रहतना और सुजती – तक निर्मल जलधारा पहुँचेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि नदियाँ केवल जल का स्रोत ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी हैं। उनके पुनरोद्धार से जहाँ किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा वहीं इन नदियों का सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व भी पुनः स्थापित होगा।
जिलाधिकारी ने बरनावा क्षेत्र में नदी तट एवं प्रवाह क्षेत्र का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, वन विभाग के रेंजर सहित कई अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

