छाती पीट रहें है अन्नदाता को राजनीति नहीं समाधान चाहिए: घनश्याम राय
RKTV NEWS/तरारी ( भोजपुर) 22 सितंबर। उपजाऊ भूमि पर औधोगिकरण के बिरोध में आंदोलन की बिगुल फूंकते हुए तरारी के सैकड़ो किसानों ने किसान संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी पांच सूत्री मांगों के समर्थन में पटखौली गांव के महाबीर मंदिर के समीप रविवार को एकदिवसीय धरना दिया । धरना के दौरान आक्रोशित किसानों ने जमकर सरकार बिरोधी नारे लगाए।धर्मेंद्र कुमार उर्फ बादल के संयोजकत्व में कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदीप सिन्हा और संचालन अभिषेक कुमार ने किया । धरना स्थल पर जैसे हीं जनसुराज के प्रांतीय नेता व अधिवक्ता घनश्याम राय पहुंचे किसान उत्साहित हो उठे।उन्होने धरती को प्रणाम किया और किसानों का हौसला बढाते हुए सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों का देश के खजाने पर पहला हक है । उन्होंने कहा कि औधोगिकरण व आर्थिक विकास के नाम पर भोले-भाले किसानों के साथ छल नहीं किया जा सकता । उन्होंने औधोगिकरण की घोषणा से पूर्व किसानों के साथ सामाजिक सहमति बनानी चाहिए थी। उन्होंने विधायक का नाम लिए बगैर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि औधोगिक श्रेत्र की घोषणा का श्रेय ले रहे हैं उन्हें किसानों का श्राप भी लेना पडेगा । उन्होने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण हीं देश की दौलत चंद धनाढ्यों और औधोगिक घरानों तक सिमटती जा रही है और इससे आम आदमी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है । जनसुराज नेता घनश्याम राय ने कहा कि हमारे राज्य में रोजगार के इतने संसाधन भी नहीं है कि आम किसान भूमि अधिग्रहण से मिले मुआवजे की राशि से कोई दूसरा कारोबार शुरू कर सके । उन्होंने कहा कि ऐसे अनेकों उदाहरण है कि जहां किसान अपनी जमीन के मुआवजे से मिले पैसे का ठीक प्रकार से उपयोग नहीं कर पाए और आज उनके पास न तो जमीन है और न हीं पैसे। ऐसे में उन किसानों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है । उन्होंने कहा कि किसानों को राजनीति नहीं समाधान चाहिए। उन्होनें कहा कि किसानों के दर्द का मुझे एहसास है , औधोगिकरण की घोषणा और जमीन अधिग्रहण की सूचना के बाद प्रभावित किसान समाज अस्त-व्यस्त तो हैं हीं चिंता में रातों की नींद भी उनकी गायब हो गई है । जनसुराज के वरिष्ठ नेता घनश्याम राय ने राज्य सरकार को आडे हाथों लेते हुए कहा कि वर्ष 2018 में राज्य के उप मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय नेता रहे सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि राज्य में तीन हमारी सबसे बड़ी पूंजी है जो देश के किसी अन्य राज्य में नहीं है वो है पानी, उपजाऊ जमीन और मेहनतकश लोग। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल दागते हुए कहा कि कहा कि तरारी प्रखंड के घोषित औधोगिक क्षेत्र में पानी भी है , उपजाऊ भूमि भी है और मेहनतकश लोग भी है तो फिर किस आधार पर इतनी बड़ी पूंजी को दरकिनार कर किसानों के हाथों से जमीन छिना जा रहा है । उन्होंने किसानों को हौसला बुलंद रखने और कभी न थकने वाला इंसान बताया और संग्राम छेड़ने का आह्वान किया । कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोगों में विनोद राय, भोला तिवारी, जिप उपाध्यक्ष लाल विहारी सिंह, शैलेंद्र कुमार नवीन सिंह, प्रद्युम्न यादव, निरंजन सिंह, योगेन्द्र मिश्र जगनारायण तिवारी ,बबन सिंह, रमेश मिश्र ,श्याम बिहारी राय ,समेत सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

