
उज्जैन /मध्य प्रदेश( अविनाश चतुर्वेदी) 21 अगस्त। मध्य प्रदेश के उज्जैन में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विक्रम उद्योगपूरी के किसान संगठन सहित 30 से अधिक गांवों के किसानों ने किसान नेता राकेश जाट दंगवाड़ा, तेजवीर सेना प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर जाट के साथ किसान नेता राकेश टिकेत से मुलाक़ात कर किसानों की जमीन अधिग्रहण का विरोध किया।
किसान नेताओ जारी विज्ञप्ति में बताया कि शासन द्वारा किसानों की जमीन अधिग्रहण के विरोध में नेताओं ने चर्चा कर आगे आंदोलन की रणनीति बनाई। किसानों ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेलगाम भूमि अधिग्रहण से परेशान 600 गावों के किसानों ने भारत के राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकेत को समर्थन दिया है। सरकार जितनी भी भूमि का अधिग्रहण कर रही है इन सभी गावों की 15 साल से गाइड लाइन नहीं बढाई।
किसान नेताओ ने बताया कि सरकार द्वारा जबरन लादी जा रही योजनाओं, विक्रम उद्योगपूरी, सीवर खेड़ी सिलार खेड़ी योजना, पूर्वी रिंग रोड, पश्चिम रिंग रोड, बुधनी रेलवे योजना, मनमाड रेलवे योजना, सिंहस्थ योजना, एयरपोर्ट योजना आदि का विरोध दर्ज कराया। साथ ही सभी भूमि अधिग्रहण से परेशान किसानों ने बड़ी रणनीति तय की। किसानों ने कहा आज जितने भी डेवलपमेंट के नाम पर भूमि अधिग्रहण हो रही है उससे किसानो का कोई हित और भला नहीं हो रहा है और उल्टा किसान बर्बाद हो रहे है। ना जमीन का उचित मूल्य मिलता है ना ही किसानो की सुनवाई होती है और आज लाखो किसान भूमि अधिग्रहण के चक्कर कोर्ट के चक्कर काटते काटते मर जाता है। क्योंकि भूमि अधिग्रहण 2013 के कानूनों का पूर्णता उलंघन हो रहा है सरकार क़ानून को मान ही नहीं रही है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान नेता राकेश टिकैत का दंगवाड़ा पहुंचने पर उज्जैन से पहुंचे 30 से अधिक गांवों के किसान प्रतिनिधियों ने बाबा महाकाल की तस्वीर भेंटकर स्वागत किया। श्री टिकैत ने यहां श्री बौरेश्वर महादेव मंदिर में किसानों को संबोधित किया।
उन्होंने सोयाबीन का न्यूनतम भाव 6 हजार रुपये हो, किसानों की कर्ज माफी को लेकर, किसानों को 12 घण्टे सतत् बिजली दी जावे, खाद यूरिया, डिऐपी, एनपी के की पूर्ती के लिए, गेहू का न्यूनतम भाव 3 हजार रुपये हो, आदि विभिन्न मांगो पर चर्चा की गई। इन सबके बीच जबरन भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी गुंजा तथा उज्जैन में इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा उसकी रणनीति बनी।
