राज्यपाल ने बखोरापुर काली मंदिर में आयोजित दिव्यांग सहायता शिविर में की शिरकत।

सैकड़ों दिव्यांगजनों के बीच ट्राई साइकिल,व्हील चेयर सहित सहायक उपकरणों का किया वितरण।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 जून। शनिवार को बडहरा की ऐतिहासिक और पवित्र धरती पर उपस्थित धार्मिक, सामाजिक और दिव्यांग जनों को संबोधित करते हुए बिहार के राज्यपाल मो आरिफ मोहम्मद खान ने कहा की जो दूसरों के लिए जीते हैं, वही सच में जिंदा हैं। मानव की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है।” यह प्रेरणा दायी संदेश बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित बखोरापुर गाँव के ऐतिहासिक जय माँ काली मंदिर परिसर में दिव्यांग सहायता शिविर के दौरान दिया। कार्यक्रम के विशेष अवसर पर राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के बीच 10 बैटरी चलित ट्राई-साइकिल, 300 व्हीलचेयर, छड़ी व अन्य सहायक उपकरणों का वितरण किया। बताया गया की कुल 800 जरूरतमंदों को सहायता सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानित किया गया। सबसे विशेष क्षण तब आया, जब राज्यपाल मंच से नीचे उतरकर स्वयं दिव्यांगों और वृद्धों से मिले, उनसे संवाद किया और उनकी पीड़ा को आत्मीयता से समझा। यह भावनात्मक दृश्य उपस्थित जनसमूह को गहरे छू गया। राज्यपाल के आगमन से पहले मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। उनके पहुंचते ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद महामहिम ने माँ काली के गर्भगृह में जाकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया।
मंच पर पहुंचते ही सभी उपस्थित गणमान्यजन ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। तत्पश्चात राष्ट्रगान हुआ। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बी.डी. सिंह एवं सुनील सिंह गोपाल ने उन्हें माता की चुनरी और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में मंदिर ट्रस्ट के मुख्य सलाहकार लक्ष्मण तिवारी, आसरा भोजपुर की निदेशिका दीप्ति राघव, बिहार के गोल्ड मैन प्रेम सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने बताया कि राज्यपाल के आगमन को लेकर इलाके में उत्सव जैसा माहौल था। श्रद्धालुओं की भीड़ दूर-दूर से उमड़ पड़ी थी। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि “धर्म वही है जो मनुष्य को करुणा, सेवा और परोपकार के मार्ग पर ले जाए। पशु और मनुष्य में यही सबसे बड़ा अंतर है — संवेदना। हमें हर जीव के प्रति स्नेह और दया का भाव रखना चाहिए।” उन्होंने बखोरापुर के ऐतिहासिक मंदिर को जन आस्था का महान केंद्र बताया और कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें माँ काली के चरणों में मत्था टेकने और इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने का अवसर मिला। इस गरिमामयी अवसर पर रवि शंकर सिंह, अखिलेश सिंह, कर्नल राणा प्रताप सिंह, सत्येंद्र सिंह, बच्चा बाबा, नीरज कुमार, साह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, श्रद्धालु और अतिथि उपस्थित रहे।

