RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

वाराणसी:भोजपुरिया कैलेंडर पर हुआ विमर्श।

“भोजपुरी जनपद ,लोकजागरण और भारतेंदु हरिश्चंद्र ” व्याख्यान का हुआ आयोजन।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में किया गया भोजपुरिया कैलेंडर का लोकार्पण।

RKTV NEWS/वाराणसी ( उत्तर प्रदेश)09 मई।भोजपुरी अध्ययन केंद्र, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में भोजपुरिया कैलेंडर के लोकार्पण सह भिखारी ठाकुर व्याख्यान माला की श्रृंखला के अंतर्गत ‘भोजपुरी जनपद,लोकजागरण और भारतेंदु हरिचन्द्र’ विषय पर बुधवार को एक व्याख्यान का आयोजन हुआ।
आकृति विज्ञा अर्पण ने भोजपुरी भाषा में संचालन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रो प्रभाकर सिंह ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा कि भारदेंदु हरिश्चंद्र खड़ी बोली के उन्नायक थे उन्होंने खड़ी बोली के साथ साथ लोक का रास्ता बनाया। उन्होंने जनपदीय भाषाओं से शब्द लेकर जनपदीयता का निर्माण किया।
कार्यक्रम की अगली शृंखला में चित्रकार संजीव सिन्हा द्वारा निर्मित भोजपुरी कैलेंडर का लोकार्पण भी हुआ। अपने वक्तव्य में संजीव सिन्हा ने भोजपुरी में संवाद करते हुए सर्जना न्यास द्वारा चलाए जा रहे भोजपुरी कला यात्रा को साझा किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी भी लोक कला पर वहां के रहन सहन भौगोलिकता का प्रभाव पड़ता है उसी तरह हमारी लोक कला पर भी है हमारी लोक कला में श्रृंगार का अभाव है वीर तत्व अधिक है। उसका प्रभाव हमारी चित्रकला में भी दिखता है। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी संस्कृति और कला के लिए लोग आगे आएं और अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि कैसे दो साल पहले से इस कैलेंडर के निर्माण के प्रक्रिया शुरू हुई और आज विश्व का पहला भोजपुरी का कैलेंडर कैथी लिपि में तैयार हुआ। इस कार्य के सर्जना न्यास की पुरी टीम को बधाई। साथ ही प्रो प्रभाकर सिंह और शोध संवाद समूह, भोजपुरी अध्ययन केंद्र, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, का आभार की इतना अच्छा आयोजन किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में चंदन श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में कहा कि भोजपुरी हमारे भीतर माँ और लोक के कारण जीवित है। उन्होंने कैलेंडर की तारीफ करते हुए कहा कि यह कैलेंडर बहुभाषिक है और कैथी लिपि के साथ भाषाओं की आपसदारी को समाहित किये हुए है। चन्दन श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान परंपरा को बढ़ाने में भोजपुरी का योगदान होना चाहिए।
प्रो निरंजन सहाय ने 13 वीं शताब्दी के कवि रूमी के जीवन की एक घटना का उदाहरण देते हुए भारतेंदु की प्रतिभा को परिभाषित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो बलराज पाण्डेय ने किया।

Related posts

भोजपुर:भोजपुरी चौपाल बसंत बहार सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत गवनई की शानदार प्रस्तुति रात-भर चली।

rktvnews

गांधी इच्छा के विरुद्ध सत्याग्रह में शामिल हुई थी कस्तूरबा।

rktvnews

देहरादून: जब थाने पहुंचे मुख्यमंत्री! थानेदार थे नदारद,लाइन हाजिर का निर्देश।

rktvnews

बक्सर:ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के रूप में धनसोई बाईपास पथ का होगा निर्माण।

rktvnews

रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट घाना के अकरा में संयुक्त राष्ट्र शांतिवाहिनी मंत्रालयी बैठक में भाग लेंगे

rktvnews

………एक भले मानुष को अमानुष बनाके छोड़ा 🤪

rktvnews

Leave a Comment