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संसद ने संविधान (जम्मू -कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक 2024 पारित किया।

नई दिल्ली/11 फरवरी।सरकार जनजातीय समुदायों की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात केंद्रीय जनजातीय कार्य; कृषि एवं किसान कल्याण मंत्र अर्जुन मुंडा ने संसद द्वारा जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के जनजातीय समुदायों की काफी अर्से से लंबित मांग को पूरा करने के लिए तीन विधेयकों को पारित किए जाने के संबंध में कही।
संसद द्वारा संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024, ‘पहाड़ी जातीय समूह, पद्दारी जनजाति, कोली और गड्डा ब्राह्मण’ समुदायों के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की एसटी की सूची में समावेशन के लिए पारित किया गया। राज्यसभा ने 9 फरवरी 2024 को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के संबंध में संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश, 1989 में संशोधन संबंधी विधेयक पारित किया था। इससे पहले यह विधेयक 6 फरवरी 2024 को लोकसभा में पारित हो चुका था।
इससे पहले, 8 फरवरी 2024 को लोकसभा द्वारा आंध्र प्रदेश के संबंध में संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024 और ओडिशा के संबंध में संविधान (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2024, उनकी संबंधित सूची में अनुसूचित जनजातियों के समावेशन को प्रभावी बनाने के लिए पारित किए गए थे। लोकसभा में संशोधन विधेयक केंद्रीय जनजातीय कार्य; स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रविण पवार ने पेश किया। यह विधेयक पहले 6 फरवरी 2024 को राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार देश के
31पर।
Vi. उराम, ओरम, उरांव, धंगरा और उरांव मुदी समुदाय उरांव के पर्यायवाची के रूप में, क्रम संख्‍या 53 पर सूचीबद्ध।
vii. बरेंग झोडिया परोजा, पेंगा परोजा, पेंगू परोजा, पोरजा, सेलिया परोजा, एसटी परोजा के पर्यायवाची के रूप में, क्रम संख्या 55पर।
viii. राजुआल, राजुआद एसटी राजुआर के पर्यायवाची के रूप में, क्रम संख्‍या 57पर।
ix. साओरा, सावर, सौरा, सहारा आदि के अंतर्गत पर्यायवाची के रूप में, सारा क्रम संख्‍या 59 पर।
IV. नई प्रविष्टि के माध्यम से समुदायों का समावेशन:
ii. मुका डोरा, मूका डोरा, नुका डोरा, नूका डोरा क्षेत्र प्रतिबंध के साथ (अविभाजित कोरापुट जिले में यानी, कोरापुट, नौरंगपुर, रायगडा और मल्कानगिरी जिलों में) क्रम संख्या 63पर।
iii. कोंडा रेड्डी, कोंडा रेड्डी क्रम संख्या 64 पर।
इन विधेयकों के अधिनियम बनने के बाद, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की अनुसूचित जनजातियों की संशोधित सूची में नए सूचीबद्ध समुदायों के सदस्य भी सरकार की मौजूदा योजनाओं के एसटी के लिए नियत लाभों को प्राप्त कर सकेंगे।
जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित कुछ प्रमुख योजनाओं में प्री व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति और छात्रवृत्ति योजनाओं के साथ ही साथ राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम से रियायती ऋण, एसटी लड़कों और लड़कियों के लिए छात्रावास आदि शामिल हैं। उपरोक्त के अलावा, वे सरकारी नीति के अनुसार सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के भी हकदार होंगे।

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