जनजातीय आवास और हिमालयी ग्राम सहित मुक्ताकाश प्रदर्शनियों में देखी भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत।
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 15 सितंबर। जयपुर (राजस्थान) से भोपाल आए रेल दावा न्यायाधिकरण, भारत सरकार के सदस्य (ज्यूडिशियल) जी. एस. हीरा ने मंगलवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण किया। संग्रहालय पहुंचने पर निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे ने उनका स्वागत किया और संग्रहालय की संकल्पना, उद्देश्यों तथा अनूठी मुक्ताकाश प्रदर्शनियों की जानकारी दी।
जनसंपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने श्री हीरा को संग्रहालय की विभिन्न मुक्ताकाश प्रदर्शनियों के सांस्कृतिक महत्व और उनसे जुड़े समुदायों के बारे में विस्तार से बताया। भ्रमण के दौरान उन्होंने ‘जनजातीय आवास’ (ट्राइबल हैबिटेट), ‘हिमालयी ग्राम’ सहित अन्य पारंपरिक आवासों और सांस्कृतिक प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। संग्रहालय के अधिकारी श्रीकांत तथा म्यूजियम फेसिलिटेटर सुश्री प्राची ने भी प्रदर्शनियों से संबंधित जानकारी साझा की।
इस दौरान जी. एस. हीरा को भारत की समृद्ध पारंपरिक ज्ञान संपदा, वास्तुकला, रीति-रिवाजों और विविध सांस्कृतिक परंपराओं को निकट से जानने का अवसर मिला। उन्होंने देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और प्रभावी प्रदर्शन के लिए मानव संग्रहालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

