मरीजों की सुविधा पर जोर, जिले के सभी अस्पतालों में स्टाफ की पहचान अब होगी आसान।

स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने को प्रशासन सक्रिय, स्वास्थ्य इकाइयों की बढ़ेगी कार्य कुशलता।

अस्पतालों में अवांछित लोगों की आवाजाही पर लगेगी लगाम, स्मार्ट लुक में नजर आएगा स्टाफ, लोगों का बढ़ेगा विश्वास।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)20 नवंबर।जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को मजबूत करने और अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। अब जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित सभी स्वास्थ्य इकाइयों में कार्यरत डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल टीम, वार्ड बॉय, सुरक्षा कर्मियों सहित सभी कर्मचारियों को निर्धारित वर्दी और स्पष्ट पहचान पत्र के साथ ही ड्यूटी पर उपस्थित होना होगा। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई बार मरीजों और परिजनों को यह समझने में कठिनाई होती है कि अस्पताल में कौनसा व्यक्ति किस विभाग का कर्मचारी है और किससे सहायता ली जानी चाहिए। इस अव्यवस्था को समाप्त करने और मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए सभी कार्मिकों का यूनिफॉर्म और पहचान पत्र के साथ होना अनिवार्य किया गया है ताकि अस्पताल में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति आसानी से पहचान सके कि संबंधित कर्मचारी किस जिम्मेदारी से जुड़ा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य केवल अनुशासन लागू करना ही नहीं है, बल्कि अस्पतालों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाना भी है। जब कर्मचारी वर्दी और पहचान पत्र के साथ कार्य करेंगे, तब न केवल सेवा का स्तर सुधरेगा बल्कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी भी तुरंत तय की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम मरीजों के साथ अस्पताल के स्टाफ के व्यवहार, समयबद्धता और सेवा भावना पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
अस्पतालों में बड़ी संख्या में दैनिक आधार पर मरीज आते हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से। ऐसे मरीजों के लिए अक्सर कर्मचारी वर्ग की पहचान करना कठिन हो जाता है। इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल भ्रम कम होगा बल्कि मरीजों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत होगी। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन करवाएं।
इस व्यवस्था की निगरानी के लिए अस्पतालों में निरीक्षण दल भी बनाए जाएंगे, जो समय-समय पर यह जांच करेंगे कि कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म और पहचान पत्र के साथ ड्यूटी पर उपस्थित हैं या नहीं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी कर्मचारियों के पहचान पत्र समय पर नवीनीकृत कराए जाएं।
जिलाधिकारी द्वारा शुरू की गई यह पहल जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए चलाए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इससे पहले भी जिला प्रशासन द्वारा जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न अभिनव कदम उठाए जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि मरीज को सम्मानजनक, सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में अस्पतालों में कार्यकुशलता, अनुशासन और सेवा स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

