डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस वर्ष अप्रैल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान अंतिम रूप दिए गए संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण वक्तव्य का उल्लेख किया।

भारत और दक्षिण कोरिया ने लोक प्रशासन और डिजिटल शासन में सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सीपीग्राम और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी पहलें पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा दे रही हैं।
RKTV NEWS/ नई दिल्ली 20 जून।भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया गणराज्य के गृह एवं सुरक्षा मंत्री युन होजुंग ने आज कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की और डिजिटल शासन, ई-गवर्नेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्रों में भारत तथा दक्षिण कोरिया के बीच संभावित सहयोग पर चर्चा की।
दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक द्विपक्षीय वार्ता की।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित एक विशेष रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। उन्होंने इस वर्ष अप्रैल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान अंतिम रूप दिए गए संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण वक्तव्य का उल्लेख किया।
डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल शासन, सार्वजनिक सेवा वितरण और शिकायत निवारण तंत्र में भारत द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति का उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं जो अपने साझा मूल्यों, विरासत और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम दो प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाएं हैं जो एक विशेष रणनीतिक साझेदारी साझा करती हैं और यह ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी दोनों ही है।”
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस बात का उल्लेख किया कि दोनों देश अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और दक्षिण कोरियाई राजा किम सूरो के बीच वैवाहिक संबंध के ऐतिहासिक बंधन से जुड़े हुए हैं और इन मजबूत बंधनों का आज भी दोनों देशों में गहरा महत्व है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने में अतिथि मंत्री के योगदान की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करेगी।
उन्होंने राष्ट्रपति ली जे म्युंग की हालिया यात्रा का भी जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप व्यापार और निवेश, बंदरगाह और समुद्री मामले, डिजिटल और फिनटेक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल आदि सहित प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिखर सम्मेलन के दौरान जारी संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण वक्तव्य ने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी के भविष्य के लिए एक बहुत ही महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण निर्धारित किया है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने सेवा वितरण और पारदर्शिता में सुधार के लिए भारत की पहलों जैसे कि सीपीग्राम, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन प्लेटफार्मों के उपयोग का उल्लेख किया। कोरियाई पक्ष ने स्मार्ट शासन, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और आपदा एवं सुरक्षा प्रबंधन में अपने अनुभव साझा किए।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने लोक प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के संबंध में उल्लेख किया कि दोनों देशों के मंत्रालय लोक प्रशासन और सरकारी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर हो रही द्विपक्षीय वार्ता का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि कोरिया गणराज्य में योग की लोकप्रियता बढ़ रही है। उन्होंने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को योग समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
दोनों पक्षों की चर्चाओं में सरकारी सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण, सार्वजनिक प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग, सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण, शासन में नागरिकों की भागीदारी और सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणालियों में सर्वोत्तम विधियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दोनों पक्षों ने उभरती शासन संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए लोगों के बीच संपर्क और संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया।
बैठक का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ, जिसमें दोनों नेताओं ने कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के लिए भारत-दक्षिण कोरिया सहयोग को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

