
RKTV NEWS/नारनौल ( हरियाणा)19 फ़रवरी।हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से मंगलवार को राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना में पॉक्सो एक्ट-2012 विषय पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य सुमन राणा व गणेश कुमार ने संयुक्त रूप से बच्चों को पॉक्सो एक्ट 2012 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पॉक्सो एक्ट 2012 का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से बचाना और उन्हें न्यायिक सहायता प्रदान करना है। यह एक्ट बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बाल अपराध, अपहरण व यौन शोषण जैसी बढ़ती अपराधिक घटनाओं से बचने के लिए बच्चों को सचेत, समझदार व जागरूक होना पड़ेगा तथा अपने-पराए की पहचान करनी होगी। बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए सर्वप्रथम उनके बाल अधिकार को सुनिश्चित करना है। बच्चों को जीने का अधिकार शिक्षा का अधिकार, सहभागिता का अधिकार व सुरक्षा का अधिकार है। इन अधिकारों को सुनिश्चित करके ही बच्चों का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक व बौद्धिक विकास किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से आह्वान किया कि बच्चों को गुड टच व बैड टच के बारे में भी जागरुक करने की आवश्यकता है। विषम परिस्थितियों में अगर बच्चे को कहीं सूचना देनी है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर 24×7 कभी भी कालॅ कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने व बच्चों के प्रति हो रहे अपराधों को कम करने के बारे में जानकारी प्रदान की। बच्चों को किसी के भी घर पर अपने बड़ों के ही साथ जाना चाहिए। इससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है। अगर कोई परेशान करें तो उसके बारे में स्कूल अध्यापक या अपने परिवार वालों को जरूर बताएं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी फोटो, वीडियो कभी भी शेयर नहीं करनी चाहिए और न ही किसी वेबसाइट या अनजान लिंक पर अपलोड करना चाहिए।
इस मौके पर संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने बच्चों को बाल विवाह न करने के बारे में जागरूक किया।
इस मौके पर बाल कल्याण समिति के सदस्य राजेश गोयल, चेतन शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संदीप कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी संतोष कुमारी व सुषमा यादव, लेखाकार प्रेमलता एवं सामाजिक कार्यकर्ता कमल मौजूद थे।
