
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 फरवरी।देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को संसद में वर्ष 25-26 के पेश किए गए आम बजट पर देश स्तर पर पक्ष विपक्ष की राजनीतिक पार्टियों सहित समाज के विभिन्न वर्गो द्वारा अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं जाहिर की है। अपनी प्रतिक्रियाओं में किसी ने आम बजट की सराहना की तो किसी ने अपने असंतोष जाहिर किए हैं।
मध्यम वर्ग के लिए बजट उत्साहवर्धक:डा जीतेन्द्र शुक्ला
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए समाजसेवी, पूर्व वार्ड पार्षद डॉक्टर जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि मध्यम वर्ग के लिए बजट बेहतर है , १२ लाख की सालाना आय टैक्स फ्री हुई है । केन्द्र सरकार का यह बजट इस बार मध्यम वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया, बजट में मजबूत भारत के विजन माहकी झलक है । नये व्यवसायियों के लिए यह बजट कारगर साबित होगा। टूरिज्म को भी बढ़ावा देने का बेहतर प्रयास है । जानकारों के मुताबिक यह बजट महाकुंभ के अमृत स्नान की तरह है।
बजट से मध्यम वर्ग,लघु उद्योग और स्टार्टअप को बढ़ावा : डा आदित्य विजय जैन
बजट में लोन लिमिट 5 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़, स्टार्टअप हेतु 20 करोड़ तक,बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना,पटना आईआईटी के विस्तार की घोषणा,मेडिकल की शिक्षा हेतु 75,000 सीट बढ़ाना,खिलौना उत्पादन में भारत को हब बनाना आदि है। इस लिहाज से बजट सर्व कल्याणकारी है।
मिला जुला बजट फिर भी लाभकारी:कुमार मोहित
मेरी समझ से यह एक मिला जुला बजट के साथ ही साथ बहुत सारे नौकरीपेशा लोगो की टैक्स बचत की सौगात लेकर आया है।जिससे लोगो को कुछ बचत होगी ।इसमें कृषि ,नारी शक्ति,वरिष्ठ नागरिक के साथ जमीनी स्तर पर कार्य करने के लिये जो घोषणाएं की गई है प्रशंसनीय है ।साथ ही साथ टूरिज़म के लिये उठाये गये है।बिहारी हूँ तो ज़ाहिर है बिहार की प्रगति के लिये मिले सौग़ात से खुश हूँ ।
बजट राष्ट्र निर्माण में दूरदर्शिता का ब्लूप्रिंट:युवा कुमार प्रतीक
बजट में किसान, गरीब, मध्यम वर्ग, महिला और बच्चों की शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य से लेकर Start Up, Innovation और Investment तक, हर क्षेत्र को समाहित करता यह बजट मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप है। 12 लाख तक इनकम टैक्स में छूट।इसके लिए मोदी जी और वित्त मंत्री को बधाई।
बिहार को दिये गये विशेष सौगात प्रशंसनीय:तारकेश्वर नाथ ठाकुर
बजट में गरीबों और मध्य वर्गीय समाज के कल्याण के लिए दर्जनों महत्वपूर्ण योजना लाई गई है जो अति लाभकारी है। बिहार के हित में बजट सराहनीय है। आईं आईं टी में 6500और मेडिकल में 75000/सीटें बढ़ाना शिक्षा पर फोकस किया गया है।मै केंद्र सरकार के बजट की प्रशंसा करता हूं।
प्रस्तुत बजट संतुलित और विकासोन्मुखी :डा सुप्रिया झा (अर्थ शास्त्र विभाग)
बजट में मध्यम वर्ग को कर राहत, कृषि क्षेत्र को समर्थन, विनिर्माण और निर्यात को प्रोत्साहन, तथा पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित किया गया है।बजट में आयकर छूट सीमा को ₹12 लाख तक बढ़ा दिया गया है। इससे मध्यम वर्ग के हाथ में अधिक पैसा आएगा, जिससे उपभोग और बचत में वृद्धि होगी।
विवेकपूर्ण और सुखद करने वाला बजट: रामेश्वर प्रसाद व्यव्साई
इनकम टैक्स 7 से 12 लाख तक की छूट, महिला कल्याण पर जोर,Student Loan 7-10 लाख ,बिहार राज्य के सभी सेक्टरों के लिए 59000 करोड की सहायता , कृषि कार्य और किसानों के लिए विशेष लाभ।कुल मिला कर शानदार बजट।
युवा और विकसित भारत का संकल्प है बजट:चित्रांश दुर्गेश
बिहार राज्य के लिए और युवाओं के लिए विशेष रूप से बजट में प्रावधान किया गया है जिसकी सराहना करता हूं। मेडिकल इंजीनियरिंग में सीट बढ़ाना युवाओं के लिए अति लाभकारी है।मध्यम वर्ग, महिला और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य पर ध्यान रखा गया है।

बजट मिडिल क्लास एव व्यवसायिक वर्ग के लिए लाभदायक: रीतेश कुमार
कमला विद्या इन्टरनेशनल पब्लिक स्कूल कायमनगर भोजपुर के निदेशक एव महाराजा एकराम एण्ड सन्स के प्रोपराइटर रितेश कुमार सिंह ने बताया कि 12 लाख तक इन्कम पर टैक्स छूट बहुत सुंदर निर्णय है।इसके लिए केंद्र सरकार को बहुत बहुत धन्यावाद।
गरीब जनता विरोधी बजट है:सरफराज अहमद
आम बजट से गरीब जनता को राहत मिलती नजर नही आ रही है रोजगार, और किसान की बात नही हुई है नोकरी करने वालो को लुभाने की कोशश की गई है ।सब मिलाकर गरीब विरोधी बजट है।
तत्कालिक रूप से बजट स्वागत योग्य उच्च शिक्षा उपेक्षित:प्रो के बी सिन्हा फुटाब
तत्कालिक रूप से बजट स्वागत योग्य है। मध्य वर्ग और वरीय नागरिकों को राहत दी गई है। आत्म निर्भर भारत की नीति को साकार करने हेतु मध्यम उद्योग, किसान, startup को कर्ज और सहायता द्वारा अर्थव्यवस्था
को मजबूती प्रदान करने हेतु कदम उठाए गए हैं। लेकिन इनका असर तुरत नजर आने की संभावना नहीं है । लेकिन दूरगामी प्रभाव अवश्य दिखेगा। बिहार में आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए साकारात्मक कदम उठाए गए हैं, जो स्वागत योग्य है।
तकनीकी संस्थानो यथा मेडिकल, IIT, में सीट वृद्धि , नए संस्थान खोलने का निर्णय अहम है। जिला सदर अस्पतालों में कैंसर की जांच की सुविधा का प्रस्ताव अति सराहनीय है।
लेकिन इस बजट में विश्वविद्यालयों पर विषेश ध्यान नहीं दिया गया है। शोध पर विशेष आवंटन की उम्मीद थी लेकिन निराशा हाथ लगी। उच्च शिक्षा की उपेक्षा कर संपूर्ण विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। फिर भी बजट कुल मिलाकर स्वागत योग्य है।
31 प्रतिशत मध्यम वर्ग के उत्थान का बजट है : प्रो राजीव कुमार
यह बजट मध्यम वर्ग का बजट कहा जा सकता है क्योंकि मध्यम वर्ग भारत में सबसे ज्यादा टैक्स भी देता है और बाजार को गति भी प्रदान करता है। इससे देश के चहमुखी विकास में मदद मिलेगी साथ ही यह बजट बिहार उन्मुखी बजट भी है क्योंकि इसमें बिहार के लिए कई योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बजट में पेंशनधारी उपेक्षित: डा रामाशंकर
बजट लोक लुभावना लग रहा है। हो सकता है कि चुनाव या अन्य भी बातें हो लेकिन आम लोगों की नजर से इसे अच्छा ही कहा जा रहा है। इसका सही आकलन तो अर्थशास्त्री ही करेंगे लेकिन तीन से चार दशक तक सेवा देने वाले कार्यरत और अवकाश प्राप्त शिक्षक और कर्मचारियों के लिए कहीं कुछ रास्ता दिख नहीं रहा है।पेंशनधारियों के लिए कोई रिलीफ लग नहीं रहा है।
