
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 अक्टूबर। बुधवार को श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ व संगीतमय श्रीमद भागवत भक्ति ज्ञान कथा यज्ञ का शुभारंभ हुआ।
प्रात दस बजे ग्राम दरियापुर काली स्थान से महायज्ञ की कलश यात्रा के पूर्व गौरी गणेश की पूजन और वरुण आवाहनजलमात्री,स्थलमात्री, जीवमात्री व क्षेत्रपाल आवाहन पूजन के साथ प्रारम्भ हुई ।यह आयोजन 22 अक्टूबर तक चलेगा। 551कलश यात्रा में माताएं बहनों ने भाग लिया। जिसमे हाथी ,घोड़ा, उट रथ,बैंड बाजा और हजारों सहयोगी साथ में रहकर जय श्री राम और नारायण नाम की कीर्तन करते हुए चलते रहे।
श्रीमद भागवत भक्ति ज्ञान कथा मंच की उद्घाटन पंचायत के मुखिया विनय यादव एवं समिति सदस्यों के दीप प्रज्वल से हुआ। श्रीमद भागवत कथा व्यास श्री शशि भूषण जी महाराज ने कथा के माध्यम से कहा जीव अपना जीवन को सरल और सहज कर ,
धर्म और जाति में न बटकर सिर्फ संसार के हर प्राणी को समान समझकर उस जीव पर दया करे, यही सच्चा धर्म है ।धुंधकारी ने अपने को न समझा सो प्रेत योनि की प्राप्ति हुई । प्रेत योनि से उद्धार हेतु बड़े भाई गौकर्ण जी ने भागवत सप्ताह यज्ञ की और वह धुंधकारी कथा श्रवण कर मुक्ति की प्राप्ति की ।वही भक्ति के दो पुत्र ज्ञान और वैराग्य की बुढ़ापा प्रभु की कथा श्रवण से युवा अवस्था को प्राप्त किए । इसकी सूचना राजकुमार कुशवाहा ने दिया।
