RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

मुस्कराहटें !

रचनाकार:गोलोक बिहारी राय

मुस्कराहटें

यों जो कुछ भी जितना घूम रहा है ब्रह्मांड में
या न जाने जितना कुछ एक अणु में
और जितना घूम रहे हैं हम
उससे ज़्यादा घूम रहा है हमारे भीतर

गाँव और शहर
गलियाँ और चौराहे
दिन और रात
जीवन और मृत्यु…
हम जितना जानते हैं
उतना ही नहीं जानते
इसी जानने और न जानने के बीच
चमकता है जीवन
हम अपने ज्ञान में जितना बोलते हैं
हमारे अज्ञान पर हमारी चुप्पियाँ मुस्कुराती हैं

प्रकाश और आँख के बीच
एक सहज समन्वय
जो साक्षी है मुस्कराहटों के
काश! ऐसा ही
ध्वनियों और कानों के बीच
भी हो सके समन्वय संतुलन मात्र

आज इन्हीं मुस्कुराहटों की उम्मीद हैं
जीवन को जीवन में भरते हुए

Related posts

मुख्यमंत्री से मिले कर्मचारियों के 24 प्रतिनिधिमंडल – पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के लिए जताया आभार

rktvnews

इंदौर:एम्प्लॉयीज़ को हमेशा साथ लेकर चलने का गुण है, तो सफलता निश्चित है।

rktvnews

छात्रों को न्यू इंडिया @ 2047 का खाका तैयार करना चाहिए”: उपराष्ट्रपति।

rktvnews

बागपत:स्वास्थ्य के प्रति विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन के खतरे के बारे में किया जागरूक।

rktvnews

27 जुलाई 23 दैनिक पञ्चांग- ज्योतिषाचार्य संतोष पाठक

rktvnews

दैनिक पञ्चांग: 04 जून 26

rktvnews

Leave a Comment