भगत सिंह के जन्मदिन पर लुटेरे भूरे अंग्रेज गद्दी छोड़ो के नारे से गूंजा शहर।

भ्रष्टाचार के आरोपित मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर करें नीतीश कुमार:आइसा- आरवाईए
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर )28 सितम्बर।इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन(आइसा) ने भगत सिंह के जन्मदिवस के मौके पर आक्रोशपूर्ण मशाल जुलूस निकाला. मशाल जुलूस आरा में जेपी स्मारक से शुरू होकर जज, सिविल सर्जन आवास होते हुए शहीद भवन, महिला कॉलेज, सुभाष चन्द्र बोस के मूर्ति होते हुए वीर कुंअर सिंह स्टेडियम गेट पर खत्म हुआ। जिसमें सैकड़ो की संख्या में छात्र – नौजवान हाथों में मशाल लिए भगत सिंह अमर रहें, भगत सिंह को लाल सलाम, लुटेरे भूरे अंग्रेजों गद्दी छोड़ो आदि नारे लगा रहे थे।
मशाल जुलूस अंत में सभा मे तब्दील हो गया। सभा का संचालन RYA जिला सह सचिव विशाल कुमार ने किया।जहाँ नेताओं ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज़ादी के 77 साल बाद भी नौजवानों की ज़िंदगी को गुलामी जैसी हालत में धकेल दी गई है, जिस तरह भगत सिंह ने अपने समय में चेतावनी दी थी कि अंग्रेजों के जाने के बाद सत्ता पर भूरे अंग्रेज काबिज हो जाएंगे और वे भी अंग्रेज़ों की तरह जनता का शोषण करेंगे, आज भगत सिंह की कही यह बात पूरी तरह सच साबित हो रही है क्योंकि आज़ाद भारत की सत्ता पर काबिज मोदी सरकार ने नौजवानों, मजदूरों और किसानों के सपनों का गला घोंटकर उन्हीं नीतियों को लागू कर दिया है जो अंग्रेज़ी हुकूमत की तरह दमनकारी और शोषणकारी हैं,
मशाल जुलूस में शामिल नौजवानों ने “लुटेरे भूरे अंग्रेज गद्दी छोड़ो” का नारा बुलंद कर बिहार की मोदी-नीतीश सरकार की पोल खोली और कहा कि भगत सिंह का सपना इस देश के हर नौजवान का सपना है लेकिन यह सरकार उसी सपने को चूर–चूर कर बेरोजगारी, महंगाई और पलायन की आग में नौजवानों को झोंक रही है,
आइसा और RYA के नेताओं ने कहा कि बिहार सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।बिहार सरकार के मंत्रियों पर लगातार घोटाले के आरोप लग रहे हैं।जदयू के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री अशोक चौधरी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, जीवेश मिश्रा, मंगल पांडेय पर अलग अलग मंत्रालयों में घोटाले के आरोप लगे हैं। अफसरों के यहां से रोज करोड़ों रुपए बरामद हो रहे हैं।
आइसा और RYA के नेताओं ने इस आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा जदयू सरकार के इन संलिप्त मंत्रियों पर जांच कर कैबिनेट से बाहर करने की मांग की।
नेताओं ने कहा कि एक तरफ जहां सरकार के मंत्री लूट में डूबे हुए हैं वहीं दूसरी तरफ युवाओं पर बिहार सरकार लाठी बरसा रही है।पिछले दिनों दरोगा बहाली में एससी एसटी के आरक्षण में हुई गड़बड़ियों को लेकर मार्च कर रहे दलित छात्रों पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। आइसा – आरवाईए इसकी निंदा करता है। बिहार में सीएजी की रिपोर्ट में 71000 करोड़ रुपए के गड़बड़ी के मामले सामने आए लेकिन सरकार ने अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
बिहार में दरोगा एवं अन्य रिक्त पदों में एससी – एसटी रोस्टर आरक्षण का पालन नहीं करने के विरोध में दलित छात्र संगठन ने विधानसभा घेराव मार्च निकाला , जिस पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर बर्बरता से बिहार पुलिस ने लाठी चार्ज किया वह घोर निंदनीय है यह केवल छात्रों – नौजवानों पर हमला नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार की मांग करने वालो पर सीधा हमला है और लोकतंत्र की जड़े कमजोर करने की साजिश है।
आइसा और RYA के नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि मंत्रियों को तुरंत कैबिनेट से बर्खास्त नहीं किया गया और नौजवानों को सम्मानजनक रोजगार, शिक्षा और आज़ादी के हक़ नहीं मिले तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा, मशाल जुलूस की आग ने यह साफ कर दिया है कि नीतीश–मोदी सरकार के दमन से डरने वाली पीढ़ी अब नहीं है और यह पीढ़ी भगत सिंह की क्रांतिकारी राह पर चलकर बिहार में बदलाव का बिगुल बजाएगी।
आरा में भगत सिंह के जयंती पर मशाल जुलूस का नेतृत्व भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य कयामुद्दीन अंसारी, आइसा राज्य सचिव साबिर कुमार, जिला सचिव विकाश कुमार, सहसचिव रौशन कुशवाहा, जयशंकर प्रसाद, उपाध्यक्ष सुधीर कुमार,शियाकांत बैठा, सुमित कुमार,RYA जिला अध्यक्ष निरंजन केसरी,माले कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, आइसा नेता विवेक कुमार, साहिल अरोड़ा, सागर पासवान,पप्पू कुमार, कमलेश कुमार, राजन, राहुल, अमिताभ ,चंदन , अभिषेक, उमेश, दीपक, आकाश,गौतम, सरीन, गोविंद, विश्वकर्मा, कृष्णा सहित सैकड़ों आइसा और rya कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मशाल जुलूस गड़हनी में मेला मैदान से गड़हनी बाजार तक निकाला गया। जिसका नेतृत्व अगिआंव विधायक शिवप्रकाश रंजन , आनंद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, विकास कुमार, राजेश कुमार, सन्नी देवल आदि ने किया।
सहार प्रखण्ड में तीन जगहों पर निकाला गया। जिसका नेतृत्व इमराण अली , विजय भारती, मुकेश, अजित पासवान, दाऊद हुसैन, सदाफ, राहुल, परवीन आदि ने नेतृत्व किया।

