
पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 14 सितम्बर। पटना के फतेहपुर स्थित एसआरपी कॉलेज में हिन्दी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद राय ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को ही भारत की संविधान सभा में हिंदी को देश की औपचारिक भाषा का दर्जा दिया गया। इस दिन को खास बनाने के लिए हर साल 14 सितम्बर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया था। कालेज के प्राचार्य अजय कुमार ने बताया कि आज के समय में हिन्दी भाषा विलुप्त होते जा रही है। इसे बचाना जरूरी है। इसके लिए पूरे देश में सभी स्कूलों में हिंदी की शिक्षा विशेष रूप से दी जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हिंदी बोलने वाला प्रत्येक छात्र 12वीं कक्षा की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर सके। वरिष्ट शिक्षक लक्ष्मण कुमार ने कहा कि हिन्दी दिवस के दिन सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओ द्वारा हिन्दी के विकास की बात की जाती है परन्तु व्यावहारिक रुप से हिन्दी का प्रचलन उतना नहीं हो पाया है जितना होना चाहिए। पूर्व प्राचार्य वैद्यनाथ सिंह ने कहा कि हिन्दी हमारी मातृ भाषा है। इसके बचाव के लिए हिंदी भाषी परिवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके घर में बच्चे बिना किसी भेदभाव के हिन्दी बोलें। तब ही हिन्दी का विकास होगा। मौके पर उपस्थित डॉ रमाशंकर, सुमित कुमार, गुंजन कुमार दास , अजीत कुमार, सुधीर कुमार वर्मा, शशि कुमार, मोहित कुमार, अमित कुमार सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
