हिन्दू धर्म की रक्षा के लिये गुरूजी ने अपनी शहादत बलिदान दिया सूरा सो पहचानिये, जो लड़े दीन के हेत, पुर्जा-पुर्जा कट मरे, कबहु न छोड़े खेत।
भोपाल / मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)21 नवंबर। गुरु तेगबहादुर साहब का 350 वॉ शहीदी गुरू पर्व 23 नवम्बर रविवार को गुरुद्वारा गुरूनानकपुरा रायसेन रोड भोपाल में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक एवं 23 नवम्बर रविवार को ही रात का दीवान शाम 7.30 बजे से रात 11.30 बजे तक होगा।
हजारों श्रद्धालू गुरू तेगबहादुर साहब की शहादत पर गुरूगंथ साहब के चरणों में माथा टेकेंगे।
समाजसेवी गुरूचरण सिंह अरोरा ने बताया कि इस अवसर पर कवि दरबार होगा, एवं कीर्तन दरबार एवं प्रवचन होगें, जिसमें पंथक कवि शुकर गुजार सिंह, अमृतसर पंजाब एवं पंथक कवित्री तजिन्दर कौर आनंदपुर साहिब पंजाब एवं रागी जत्था भाई कुलदीप सिंह अमृतसर पंजाब हजूरी रागी जत्था भाई हरमिन्दर सिंह एवं गुरूद्वारा के ग्रंथी भाई कमलजीत सिंह, गुरू तेग बहादुर साहब की शहादत को याद कर संगत को गुरूचरणों के साथ जोड़ेगे।
कश्मीर के पंडितों ने गुरू तेग बहादुर को बादशाह औरंगजेब द्वारा जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिये फरियाद करी।
गुरू तेग बहादुर ने कश्मीरी पंडितों को वचन दिया और कहा कि आप औरंगजेब को जाकर बोल दें कि पहले गुरू तेग बहादुर का धर्म परिवर्तन करवायें, तो हम भी कर लेगें।
बादशाह औरंगजेब ने गुरू तेग बहादुर को दिल्ली में लालकिला बड़ी कोतवाली चांदनी चौक, पर गुरू सिर धड़ से अलग कर शहीद कर दिया, जहाँ आज गुरूद्वारा सीसगंज है, वहाँ प्रतिदिन देश भर से हजारों श्रद्धालु माथा टेकने जाते हैं, और गुरू को उनकी शहादत पर नमन करते हैं, गुरू तेग बहादुर ने अपनी शहादत दे दी, पर धर्म पर ऑच नहीं आने दी।
गुरू गोविंद सिंह ने कहा, सूरा सो पहचानिये, जो लड़े दीन के हेत, पुर्जा-पुर्जा कट मरे, कबहु न छोड़े खेत।
गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह गुलाटी, सेक्रेटरी जसबीर सिंह भीमरा, रछपाल सिंह, समाज सेवी गुरूचरण सिंह अरोड़ा ने अपील की है, कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरू घर पंहुँचकर गुरूजी की शहादत को याद करें।

