
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जाए सुनिश्चित।

हेपेटाइटिस बी व अन्य टीकाकरण में हुई लापरवाही तो निजी चिकित्सालय की होगी मान्यता निरस्त।
चिकित्सकों की कार्यप्रणाली में मानवीयता का भाव होना चाहिए।

बच्चों का टीकाकरण हो समय से चिकित्सक न करें कोई लापरवाही।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)04 सितंबर।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए उन्होंने कहा गरीब को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान होना ना पड़े शासकीय स्वास्थ्य सेवाएं हर आम व्यक्ति के लिए हैं बच्चों का टीकाकरण समय से हो।
जिलाधिकारी ने कहा जिन निजी चिकित्सालय में हेपेटाइटिस बी का टीका जन्म के 24 घंटे के अंतर्गत बच्चों को नहीं लगाया जाता है जिस पर शासन पूर्णतय गंभीर है जो अस्पताल जन्म के 24 घंटे के अंतर्गत टीकाकरण में लापरवाही करेंगे उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए उन पर कार्यवाही की जाएगी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर बच्चे का जन्म के बाद टीकाकरण अस्पताल नहीं लगता है तो ऐसे अस्पतालों की मान्यता निरस्त करी जाएगी। उन्होंने कहा अस्पताल संचालक को डिलीवरी व टीकाकरण का रिकॉर्ड भी पूर्ण तरीके से व्यवस्थित रखना होगा जिसे कभी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चेक किया जा सकता है उन्होंने कहा हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण के प्रति अधिक से अधिक जागरूक किया जाए उन्होंने अस्पतालों में जन्म मृत्यु के पंजीकरण कराए जाने के भी निर्देश दिए ।
टीकाकरण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिनोली व खेकड़ा की अच्छी प्रगति न होने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर दीपा सिंह को जिलाधिकारी ने कारण बताओं नोटिस जारी किया है और उसमें सुधार करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि टीकाकरण के प्रति कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी आम जनमानस तक स्वास्थ्य सेवा को गुणवत्ता के साथ देना संबंधित अधिकारी का दायित्व है बिनोली व खेकड़ा को सुधार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनपद में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं, टीकाकरण अभियानों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों, और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं का सुचारू और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत दी जा रही सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यक्रमों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर जोर दिया और निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य अंतर विभागीय कार्य योजना पर भी चर्चा की गई जिसमें जलवायु परिवर्तन के सीधे प्रभाव संबंधित 14 कार्यक्रम डिग्री कॉलेज व इंटर कॉलेज में जनपद में आयोजित किए जाएंगे की प्लास्टिक का प्रयोग ना करें प्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पर्यावरण के अनुकूल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य होगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की रिपोर्ट पेश की और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तीरथ लाल, मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर भदोरिया, डिप्टी सीएमओ डॉक्टर यशवीर ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर विभास राजपूत सहित आदि उपस्थित रहे।
