
RKTVNEWS/आरा (भोजपुर)12 अगस्त। रविवार को जनहित परिवार भोजपुर के बैनर तले मानस मंदिर आरा में तुलसी जयंती पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत अतुल प्रकाश रचित श्रीरामराज सप्त प्रश्नोत्तरी गोस्वामी तुलसीदास का रामराज्य नामक पुस्तिका का लोकार्पण साहित्यकारों ने किया। पुस्तिका का उद्देश्य बताते हुए लेखक अतुल प्रकाश ने कहा कि तुलसीदास के रामराज को आज के युग के अनुसार समझने के लिए यह पुस्तिका तैयार की गई है। रामराज्य भारतीय संस्कृति कि राज्य व्यवस्था की कल्पना है जिसको तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के उत्तराखंड के दोहा 19 से 23 तक वर्णन कर समाज एवं राजव्यवस्था को आइना दिखाया है। कार्यक्रम के अध्यक्ष जगत् नंदन सहाय ने पुस्तिका जारी करते हुए कहा कि प्रस्तुत पुस्तिका में सात प्रश्नों के जरिए बहुत ही सरल तरीके से गोस्वामी तुलसीदास जी के राम राज्य को समझाया है। बहुत सारी जानकारी सूत्र रूप में इस पुस्तिका में है। पुस्तिका पर विचार रखते हुए डॉ. रेणु मिश्रा ने कहा कि निसंदेह रूप से राम राज्य की आधुनिक परिकल्पना महात्मा गांधी ने किया है उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी के रामराज की अवधारणा प्लूटो के राज्य के सिद्धांत से भी बेहतर है।
प्रकाश ओझा ने कहा की जहां समानता है वहां रामराज्य है। डॉ किरण कुमारी ने कहा कि रामराज में सभी जन सुखी थे किसी का किसी से विवाद नहीं था। नंदकिशोर सिंह कोमल ने कहा कि राम राज्य में पर्यावरण संतुलित था और सभी धन-धान्य थे। डॉ रवि कुमार अधिवक्ता ने कहा कि राम राज्य में सबको न्याय उपलब्ध था कोई भी व्यक्ति सीधे तौर पर राजा से न्याय की मांग कर सकता था।
कार्यक्रम में अरविंद सिंह ने स्वरचित अपनी तुलसी चालीसा प्रस्तुत किया वही गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन चरित्र पर रमेश सिंह, अजय कुमार गुप्ता अज्ञानी, अलख अनाड़ी आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम में विचार रखने वालों में गिरीश कुमार सिंह, कुमार शीलभद्र, डॉ रवि कुमार आदि ने अपने-अपने विचार रखें। कार्यक्रम का उद्घाटन बृजमोहन त्रिपाठी के सुंदरकांड पाठ से हुआ वहीं मंच का संचालन अतुल प्रकाश, आगत अतिथियों का स्वागत नंदकिशोर सिंह कमल तथा धन्यवाद ज्ञापन रमेश सिंह।
