देर रात गांगी स्थित श्मशान घाट पर दी गई अंतिम विदाई, अंतिम यात्रा में शामिल हुए राज्य सचिव कुणाल सहित कई वरिष्ठ माले नेता।
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)02 मई।भोजपुर जिले के चर्चित मजदूर नेता और भाकपा(माले) जिला कमेटी के सदस्य का. गोपाल प्रसाद (73 वर्ष) का कल मजदूर दिवस, 1 मई 2024 की सुबह 10.30 बजे उनकी पुत्री मनीषा के उजियार टोला स्थित आवास पर निधन हो गया। वे कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) से उनका लम्बे समय से इलाज चल रहा था।
का. गोपाल प्रसाद अस्सी के दशक में ही भाकपा(माले) से जुड़े और पिछले चार दशकों से आरा शहर में फूटपाथी दुकानदारों, रिक्शा-ठेला चालकों और अन्य गरीब तबकों के हक़ अधिकार की लड़ाई की मजबूती से अगुआई कर रहे थे।
वे 2005 और पुनः 2010 में आरा नगर निगम का पार्षद रहे। उन्होंने बिहार राज्य ऑटो-ई रिक्शा-टेम्पो चालक संघ तथा बिहार राज्य निकाय कर्मचारी संघ समेत कई मजदूर सँगठनों का राज्य व जिला स्तर पर नेतृत्व किया।
उनका पार्थिव शरीर दोपहर बाद श्री टोला स्थित भाकपा(माले) जिला कार्यालय में लाया गया जहां भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य, राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल, ऐपवा महासचिव मीना तिवारी , पोलित ब्यूरो सदस्य रवि राय, लोकयुद्ध संपादक संतोष सहर, जिला सचिव जवाहरलाल सिंह, केंद्रीय कमिटी सदस्य राजू यादव, अभ्युदय, नवीन कुमार और श्वेता राज, पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह, पूर्व मेयर अवधेश यादव , इंसाफ मंच के नेता कयामुद्दीन अंसारी, ऐपवा नेत्री संगीता सिंह, आइसा राज्य सचिव सबीर कुमार, राजनाथ पासवा , विजय ओझा, संजय सिंह, चन्दन कुमार समेत जिले के कई वरिष्ट नेताओं द्वारा उनके पार्थिव शरीर पर पार्टी झंडा, फूल-माला अर्पित करने के बाद उनको श्रद्धांजलि दी गयी।
श्रद्धांजलि सभा को जम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि ऐसे समय में जब देश की मेहनतकश जनता फासीवादी हमले के खिलाफ एक जबरदस्त लड़ाई लड़ रही है, का. गोपाल प्रसाद का चले जाना पार्टी, तमाम गरीबों और अन्य संघर्षशील तबकों के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
सभा को आरा संसदीय क्षेत्र के इंडिया गठबंधन प्रत्याशी सुदामा प्रसाद, अगिआंव विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव के प्रत्याशी शिवप्रकाश रंजन, भाकपा(माले) जिला सचिव जवाहरलाल सिंह और का. गोपाल प्रसाद की पुत्री लक्ष्मी ने सम्बोधित किया। सभा का संचालन भाकपा(माले) नगर सचिव दिलराज प्रीतम ने किया।
का. गोपाल प्रसाद की क्रांतिकारी विरासत अमर रहे, कामरेड गोपाल प्रसाद को लाल सलाम! के नारों के साथ निकली उनकी अंतिम यात्रा गांगी नदी किनारे श्मशान घाट पहुंची जहां उनको अंतिम विदाई दी गई।
कामरेड गोपाल प्रसाद अपने पीछे अपनी पत्नी लीलावती और दो बेटों (एक दिवंगत) और पांच बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
