सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा- 25 को लागू करें सरकार,जिलाधिकारी कार्यालय से पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण प्रतिवेदन राज्य सूचना आयोग को भेजना सुनिश्चित किया जाए:सुरेश चन्द्र पाण्डेय (त्यागी)
RKTV NEWS/मुजफ्फरपुर(बिहार) 30 अप्रैल।सूचना के अधिकार कार्यकर्ता संघ मुजफ्फरपुर द्वारा सूचना के अधिकार बचाओ अभियान संगोष्ठी आर टी आई एक्टिविष्ट युगल किशोर दूवे ( सीवान) की अध्यक्षता में 28 अप्रैल को स्थानीय शहनाई विवाह भवन में संपन्न हुई।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बिहार के चर्चित आर टी आई एक्टिविष्ट रजी हसन ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा -25 का अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री रजी हसन ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा -25 के तहत जिला सूचना कोषांग द्वारा सभी कार्यालयों से पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण किये जाने का प्रावधान है जिसकी जानकारी राज्य सूचना आयोग को प्रत्येक वर्ष रिपोर्ट देनी है जिसका अनुपालन जिला गोपालगंज एवं मुजफ्फरपुर और पटना में नहीं कराया जा रहा है। एक साज़िश के तहत सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा- 25 को बिहार सूचना आयुक्त द्वारा भी नजरंदाज किया जा रहा है। सूचना अधिकार अधिनियम -2005 की धारा- 25 के तहत विधानसभा पटल पर नियमानुसार रखा जाना चाहिए परन्तु पिछले कई वर्षों से इसकी रिपोर्ट नहीं रखी जा रही है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रमुख समाजसेवी एवं आर टी आई एक्टिविष्ट सुरेश चन्द्र पाण्डेय (त्यागी) ने मधेपुरा के आर टी आई एक्टिविष्ट राजीव जोशी पर किये गए कातिलाना हमला की कड़े शब्दों में निन्दा कर कर कहा कि एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत जनता को सरकारी योजनाओं को जाऩने के हक को मरहूम किया जा रहा है । बढ़ता हुआ भ्रष्टाचार अपराधिक घटनाओं का प्रमुख कारण है।
श्री पाण्डेय ने मधेपुरा के आर टी आई एक्टिविष्ट राजीव जोशी के हमलावरों को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के सदस्य आर टी आई एक्टिविष्ट युगल किशोर दूवे ( सीवान) ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा -25 के तहत राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित नहीं किया जाता है जिसके चलते मांगी गई सूचना लोक सूचना पदाधिकारी एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकार द्वारा समयावधि वीत जाने के वाद भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
श्री दूवे ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लोक सूचना अधिकारियों द्वारा मिथ्या , भ्रामक एवं मनगढ़ंत सूचना दिया जा रहा है तो सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के भी दूवे ने राज्य सूचना आयुक्त पी सी चौधरी के विरुद्ध अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने ने कहा है कि विना सूचना दिलाए नियम विरुद्ध एक पक्षीय निर्णय के जरिए वाद को समाप्त कर लोक सूचना अधिकारियों को इनके द्वारा संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।
संगोष्ठी को राजेश कुमार-1, सुखदेव, रमेश खेतान, राजेश कुमार-2, टिपू सुल्तान, आदर्श कुमार विश्वकर्मा, अर्जुन कुमार, कृष्णा राय सभी ( मुजफ्फरपुर) सुबोध कुमार एवं मुकेश कुमार महतो (मोतीहारी) ने मधेपुरा के आर टी आई एक्टिविष्ट राजीव जोशी के हमलावरों को गिरफ्तार किए जाने एवं सूचना के अधिकार अधिनियम के विरुद्ध आचरण करने वाले पी सी चौधरी को सूचना आयुक्त पद से हटाए जाने की मांग की है।
संगोष्ठी का संचालन आर टी आई एक्टिविष्ट रजी हसन एवं धन्यवाद ज्ञापन युगल किशोर दूवे अध्यक्ष द्वारा किया गया।
