बागपत/उत्तर प्रदेश 25 जुलाई।24 जुलाई को विकास भवन के सभागार में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपदीय सांख्यिकीय आंकड़ा संग्रहण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन इकोनामी बनाने के लिए सर्वेक्षणों में एकत्र किये गये आंकड़े बहुत महत्वपूर्ण है। सर्वेक्षणों में एकत्र आंकड़े नीति निर्माण एवं कार्यक्रम मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो गरीबी उन्मूलन शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, ग्रामीण विकास और आर्थिक विकास के लिए एक अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। उन्होनें कहा कि सर्वेक्षण विशेष रूप से विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में अनिगमित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की आर्थिक और परिचालन विशेषताओं के लिए समर्पित है। अनिगमित क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है जहां बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होता है, और जिसका जीडीपी के उन्नयन में अहम योगदान है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की इकाईयों का वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण में पंजीकरण कराया जाए। सभी ईट भटठों का एएसआई में पंजीकरण कराया जाएं। उद्योग विभाग के अधिकारी पंजीकरण में सुधार के लिए अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करें। उन्होंने बताया कि जनपद में उद्योगों को बढ़ावा मिला हैं। सरकार उद्योगो को बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है तांकि बड़ी संख्या में रोजगार सृजन हो सके। उन्होंने एनएसएसओ के अधिकारियों से कहा कि कार्य में किसी भी कठिनाई की दशा में तत्काल सूचित करें। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए कि रिपोर्टिंग को शत प्रतिशत किया जा सके। उद्यमियों को संवेदीकृत किया जाए। उपनिदेशक सांख्यिकी ने कहा कि कि संवेदीकरण कार्यशाला का उद्येश्य लोगों को सही आंकड़े देने के लिए प्रेरित करना। सभी उद्योगों को फैक्ट्री अधिनियम के दायरे में लाना चाहिए। समस्त सार्वजनिक निजी संस्थाओं विभिन्न क्षेत्रीय अधिकारियों से आपस में समन्वय स्थापित करते हुये सर्वेक्षण कार्य में सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिये गये। जिसमें सर्वेक्षण कर्ताओं को गुणवत्तापूर्व एवं वास्तविक आकंड़ें भारत सरकार एवं उ0प्र0 सरकार को उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान किया जा सकें।
एनएसएसओ मेरठ से आये प्रशिक्षकों विनोद कुमार व मधुसूदन शर्मा ने विस्तार से बताया कि किन उद्यमों सर्वेक्षण में शामिल किया जाना है और किन उद्यमों को इसकी परिधि से बाहर रखना है। उन्होने सर्वेक्षण के दौरान प्रयोग होने वाले अधिनियमों कीजानकारी दी। उन्होंने बताया कि की किन बिन्दुओं पर आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान प्रतिष्ठान रोजगार का विवरण दर्ज किया जाएगा। प्रशिक्षकों ने वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण तथा अनुप्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की वैधानिक स्थिति के बारे में बताया तथा वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की कवरेज पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि एनएसओ द्वारा उपलब्ध कराए गए शेड्यूल पर एएसआई के माध्यम से आंकड़ा संग्रहित किया गया। विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षणों को एक साथ जोड़ा गया है। उन्होनें बतया कि इस वित्तीय वर्ष में सेवा क्षेत्र के संबंध में एक पृथक सर्वे किया जाएगा।
इस अवसर पर एम०एल० व्यास मुख्य विकास अधिकारी, जितेन्द्र यादव उपनिदेशक (अर्थ एवं संख्या) मेरठ मण्डल मेरठ, महेन्द्र सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, अपर सांख्यिकीय अधिकारी जगदीश सिंह व शमंजू छजलाना, जनपद में स्थापित उद्यमों व यूनियनों के प्रतिनिधिगण तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
previous post
