पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 30 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जिस चमक के सहारे भाजपा पंचायत से लेकर दिल्ली तक का चुनाव जीतती थी वह चमक अब फीकी पड़ गई है। दरअसल भारतीय राजनीति में कॉरपोरेट समर्थित मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कद को विराट बनाकर पेश किया है। यह कहना है राजद के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी का। उन्होंने कहा कि इस बात का प्रमाण लोकसभा का पिछला चुनाव है। पिछले लोकसभा चुनाव के पूर्व पुलवामा और पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक ने देश में देशभक्ति का उफान पैदा कर दिया था। उसी पृष्ठभूमि में 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था। लेकिन उसके बावजूद भाजपा को महज 38-39 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे। बाकी वोट उनके खिलाफ ही पड़े थे। इससे स्पष्ट है कि लगभग 60 प्रतिशत से ज्यादा वोट मोदी जी के विरुद्ध पड़े थे। स्पष्ट है कि विरोधी वोटो के बिखराव की वजह से मोदी जी की जीत हुई थी। लेकिन अब गठबंधन बनने के बाद उनके विरूद्ध वोटों का बिखराव उस तरह नहीं होने वाला है। इसके अलावा मोदी जी की चमक भी अब फीकी पड़ने लगी है। मोदी जी इतना ज्यादा बोलते हैं। साथ ही उनका चेहरा टेलीविजन से लेकर सरकारी विज्ञापनों में इतना ज्यादा दिखाया जाता है कि उससे लोगों में अब ऊब पैदा होने लगी है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा में किसी भी क्षेत्र में अति से बचने की सलाह दी गई है। मोदी जी अति की उस सीमा को पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर मोदी जी इस चुनाव में तख्त से बेदखल हो जायॅ तो इसमें कोई आश्चर्य भी नहीं होगा।



