पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 2 मार्च। तेजस्वी यादव की जन विश्वास यात्रा अभूतपूर्व रूप से सफल रही है। बिहार के चारों दिशाओं में समान रूप से तेजस्वी को सुनने और देखने के लिए जनसमूह उमड़ रहा है। यह अकल्पनीय है। पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने आप को एक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित कर लिया है। यह कहना है राजद के वरिष्ठ नेता, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी का। उन्होंने कहा कि भले ही सत्ताधारी दल यह दावा करें कि बिहार में इतने बड़े पैमाने पर नौकरी देने का सेहरा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को है। लोगों ने इस पर रंच मात्र भी यकीन नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही था तो मुख्यमंत्री के रूप में अपने लंबे कार्यकाल में आपने इतने बङे पैमाने पर युवाओं को नौकरियाॅ क्यों नहीं दी। लोगों की स्मरण शक्ति इतनी कमजोर नहीं है कि तेजस्वी के 10 लाख युवाओं को नौकरी देने के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार की प्रतिक्रिया दी थी, वह लोग भूल जायें। बिहार की या देश की राजनीति में यह एक नजीर है कि नेता ने जो कहा उसको पूरा किया। यही वजह है कि संपूर्ण बिहार में तेजस्वी को देखने और सुनने के लिए लोग आधी-आधी रात तक इंतजार करते रहे। 3 मार्च को गांधी मैदान में होने वाली रैली इसी पृष्ठभूमि में होने जा रही है। यह तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होने वाली पहली रैली है। तेजस्वी यादव ने अपने आप को एक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित कर लिया है। सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की धारा की राजनीति करने वाले हम जैसे लोग चिंतित थे। जिस प्रकार हिंदुत्व के नाम पर नफरत और फरेब की राजनीति ने देश में संविधान तथा लोकतंत्र के समक्ष संकट उपस्थित कर दिया है, उसका मुकाबला आगे कैसे होगा। अब कहा जा सकता है कि बिहार में सांप्रदायिक, विभाजनकारी तथा अडानी एवं अंबानी के हितों को साधने वाली दिल्ली की हुकूमत को बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में कङी टक्कर मिलने वाली है। 3 मार्च की रैली भी इसको साबित कर देगी।
