बागपत/उत्तर प्रदेश 07 फरवरी।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण कन्वर्जेन्स समिति की बैठक की जिसमें जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए उन्होंने हॉट कुक्ड फूड योजना के के अंतर्गत 1273 आंगनबाड़ी केदो के सापेक्ष 1267 आंगनबाड़ी केदो की संख्या पर हॉट कुक्ड मिल का वितरण किया जा रहा है 6केंद्रों पर भोजन वितरण न करने पर नाराजगी व्यक्त की और खेकडा सीडीपीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आंगनवाडी केन्द्रों हेतु हॉट कुक्ड फूड प्राथमिक विद्यालय में तैयार कराया जाए भोजन बनाने हेतु साफ-सफाई एवं गुणवत्ता मानको पर विशेष ध्यान दिया जाये बच्चों को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए मानक के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
95000 में से 745 गंभीर कुपोषित बच्चे दिखाए जाने पर जिलाधिकारी हैरान रह गए उन्होंने सभी का सही तरीके से सत्यापन करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा बच्चों के स्वास्थ्य से जो भी अधिकारी लापरवाही करेगा उसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अधिकारियों को बच्चों के स्वास्थ्य का प्रति ध्यान रखना उनके नैतिक दायित्व और जिम्मेदारी है और कुपोषित अति कुपोषित के माता-पिता को जागरूक करना है ।
उन्होंने अंगनवाडी कार्यकत्री एवं सहायिका भर्ती सम्बन्धी प्रावधानों पर चर्चा की जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में आंगनबाडी कार्यकत्री के कुल 223 पद रिक्त है जिसमें से 27 आरक्षण और मनको की पूर्ति करते हुए पूर्ण कर लिए गए हैं,।
जनपद के 06 आंगनवाडी केन्द्र लर्निंग लेबों की प्रगति की समीक्षा की गई उन्होंने कहा कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
जनपद में 23 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाना है जिसमें से तीन का बजट मिल गया है अमीपुर, बिचपड़ी ,कानोली जिन पर कार्य प्रारंभ करने के जिला अधिकारी ने निर्देश दिए जिनके कार्यदायीं संस्था क्षेत्र पंचायत को नामित किया गया है।
जिलाधिकारी ने ई कवच की समीक्षा की जिसमे बाल विकास परियोजना अधिकारी, छपरौली एवं प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी खेकड़ा की कम प्रगति के कारण रोष व्यक्त करते हुये उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए जिसके क्रम में सीडीपीओ छपरौली राजेश कुमार ने144 में से 69 बच्चों को वी0एच0एन0डी0 पर भिजवाए 75 बच्चों को ना भिजवाने पर इतनी लापरवाही पर जिलाधिकारी ने प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिये , साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को पोषण ट्रैकर पर फीडिंग में सुधार करने तथा शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण फीडिंग कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जब जच्चे-बच्चें को सही पोषण मिलेगा तभी देश रोशन होगा। राज्य पोषण मिशन के कार्यो को शत-प्रतिशत धरातल पर साकार करने की आवश्यकता है। तभी शिशुओ और माताओं को उचित पोषण मिल पायेगा। स्वथ्य शरीर में ही आगे की विकास का सारा तत्व निहित है।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि पोषण के सभी योजनाओं में तकनीकी व प्रभावी रूप से और अधिक जमीनी स्तर पर कार्य कर लक्ष्य पूर्ति पर बल दिए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव ,जिला विकास अधिकारी हरेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ महावीर कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. बृजभूषण, जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन मैत्रेय, जिला पूर्ति अधिकारी के वी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अमित त्यागी, बेसिक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत ,समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।

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