उपायुक्त ने प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान कर बढ़ाया प्रतिभाओं का उत्साह, बालिकाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने पर दिया जोर।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )12 अक्टूबर।अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को समाहरणालय सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में खेलकूद, कला एवं शिक्षा के क्षेत्र में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाशाली बालिकाओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा, उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा ने बालिकाओं को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धियों, मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प की सराहना की। इस दौरान सभी ने बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बालिकाएँ अपनी प्रतिभा और संकल्प से हासिल कर रही हैं नई ऊँचाइयाँ : उपायुक्त
उपायुक्त श्री मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि आज बालिकाएँ अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल कर रही हैं। उनकी उपलब्धियाँ न केवल जिले के लिए गौरव की बात हैं, बल्कि अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर सकें और आत्मनिर्भर बनकर समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से बढ़ेगा बालिकाओं का आत्मविश्वास : उप विकास आयुक्त
उप विकास आयुक्त श्रीमती मुर्मू ने कहा कि बालिकाओं को उचित शिक्षा, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले, तो वे अपने परिवार और समाज के साथ-साथ पूरे जिले एवं राज्य का गौरव बढ़ा सकती हैं। उन्होंने बालिकाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए परिवार, समाज एवं प्रशासन की सामूहिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुकूल वातावरण एवं पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।
बालिका शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तीकरण पर दिया गया जोर
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सिन्हा ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी उपलब्धियों को उचित पहचान देना एक सशक्त, समावेशी एवं समान अवसरों पर आधारित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं की प्रतिभा एवं उपलब्धियों को पहचान देना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा समाज में बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि समाज और देश का भविष्य हैं। उन्हें शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्रदान कर ही एक सशक्त, समृद्ध एवं प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।
अंत में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सर्वांगीण विकास एवं सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

