97 क्विंटल आम की बिक्री से 3 लाख रुपये का कारोबार।
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)10 जून।जिले में आम उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने एवं ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा है। उपायुक्त रवि आनंद के मार्गदर्शन में आम उत्पादकों को बाजार से जोड़ने के लिए किए गए समन्वित प्रयासों के फलस्वरूप अब तक लगभग 97 क्विंटल आम की बिक्री की जा चुकी है, जिससे करीब 3 लाख रुपये का कारोबार हुआ है।
जिले में गंधरिया आजीविका महिला फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी सहित कुल 05 महिला किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) एवं 12 रिटेल बिक्री केंद्रों के माध्यम से आम के संग्रहण, विपणन एवं बिक्री का कार्य किया जा रहा है। बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत उत्पादित आम को संगठित बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसानों, स्वयं सहायता समूहों एवं खरीदारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि उपायुक्त रवि आनंद के निर्देशानुसार आम उत्पादक किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने एवं उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आम क्रेता-विक्रेता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस पहल के माध्यम से किसानों, किसान उत्पादक संगठनों एवं खरीदारों के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित हुआ, जिसका सकारात्मक प्रभाव आम के विपणन एवं बिक्री पर देखने को मिल रहा है।
आम के इस सीजन में लगड़ा, मालदा, हिमसागर, अमरपाली सहित विभिन्न स्थानीय एवं उन्नत किस्मों के आम किसानों से सीधे संग्रहित कर बाजार तक पहुंचाए गए। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ, वहीं उपभोक्ताओं को भी ताजे एवं गुणवत्तापूर्ण आम उपलब्ध हो सके।
इस गतिविधि में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं आम के संग्रहण, ग्रेडिंग, छंटाई, पैकेजिंग, परिवहन एवं बिक्री कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता को नया बल मिला है। ग्रामीण महिलाओं के लिए यह पहल अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरी है।
पूर्व में किसानों को अपने उत्पाद के विपणन के लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें आम कम कीमत पर बेचना पड़ता था। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के सहयोग से किसान उत्पादक संगठनों एवं रिटेल बिक्री केंद्रों की व्यवस्था विकसित होने के बाद किसानों को बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य मिलने लगा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के स्थायी अवसरों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाकर स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिल रही है।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), JSLPS चतरा, गौरव जायसवाल ने कहा कि झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों को संगठित कर उन्हें स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। आम विपणन की यह पहल किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले समय में इस मॉडल का और विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान एवं महिला समूह इससे लाभान्वित हो सकें।

