सदर अस्पताल में मानव संसाधन की कमी दूर करने की पहल तेज, रोस्टर क्लियरेंस के बाद 101 पदों पर होगी बहाली।
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)12 जून। गुरुवार को उपायुक्त, रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की। बैठक में जिले में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, मानव संसाधन की उपलब्धता एवं रिक्त पदों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त,स्मृता कुमारी, सिविल सर्जन, डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, उपाधीक्षक सदर अस्पताल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने उपायुक्त को अवगत कराया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सदर अस्पताल एवं विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कुल 101 पद वर्तमान में रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि इन रिक्तियों को भरने की दिशा में विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है तथा विभिन्न पदों के लिए रोस्टर स्वीकृति एवं नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उपायुक्त ने बैठक में निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन एवं आमजनों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनएचएम अंतर्गत स्वीकृत सभी 238 पदों के रोस्टर का पुनः परीक्षण एवं आवश्यक रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही वर्तमान में रिक्त 101 पदों का भी रोस्टर क्लियरेंस शीघ्र प्राप्त कर नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करते हुए भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमानुसार संचालित की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि रिक्त पदों में एएनएम, स्टाफ नर्स, ब्लॉक डाटा मैनेजर, फार्मासिस्ट, न्यूट्रिशनल काउंसलर, एसटीएस, डीएमसी-एलटी सहित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पद शामिल हैं। इन पदों पर नियुक्ति होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रम तथा अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुख बनाया जा सके तथा आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

