
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)11 अप्रैल।जिला पदाधिकारी, भोजपुर की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी विद्यालयों से संबंधित विभिन्न समस्याओं, जैसे छात्रों का नामांकन/री-एडमिशन, ड्रेस, पुस्तक, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क एवं अन्य मदों में ली जा रही फीस से संबंधित प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि निजी विद्यालयों में नामांकन हेतु निर्धारित प्रवेश शुल्क, री-एडमिशन, ड्रेस, पुस्तक, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क एवं अन्य मदों का विवरण विगत वर्ष एवं वर्तमान वर्ष के लिए विद्यालय के सूचना पट्ट तथा वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रकाशित किया जाए, ताकि आम जनता को इसकी स्पष्ट जानकारी मिल सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय अपनी आवश्यकता के अनुसार शुल्क में अधिकतम 7 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं, जिसकी सूचना औचित्य सहित वेबसाइट पर प्रदर्शित की जानी चाहिए। इससे अधिक शुल्क वृद्धि के लिए प्रमंडल स्तर पर गठित शुल्क विनियमन समिति से अनुमोदन आवश्यक होगा।
बच्चों के लिए ड्रेस एवं पुस्तकों की सूची विशिष्टताओं के साथ प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया तथा अभिभावकों को किसी विशेष दुकान/प्रतिष्ठान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं करने को कहा गया। अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकान से सामग्री क्रय कर सकते हैं।
जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति के कोई भी विद्यालय संचालित नहीं होगा। किसी विशेष विद्यालय से संबंधित प्राप्त शिकायतों के निवारण हेतु आवश्यकतानुसार जांच की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक, 2019 के प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, भोजपुर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा), सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तथा प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन एवं प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ प्रमुख निजी विद्यालयों के संचालक/प्रबंधक उपस्थित थे।
