
RKTV NEWS/औरंगाबाद ( बिहार)22 मार्च।आज 22 मार्च 2026 को सांसद, औरंगाबाद अभय कुमार सिन्हा द्वारा देव स्थित सूर्य नगरी में आयोजित चैती छठ मेला 2026 एवं बिहार दिवस 2026 का विधिवत उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम बिहार गीत के सामूहिक गायन के साथ किया गया।
तत्पश्चात सांसद, सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह, कुटुम्बा विधायक ललन राम, जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल, अध्यक्ष नगर पंचायत देव एवं अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा सांसद को पौधा एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य गणमान्य अतिथियों को भी जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा पौधा एवं शाल प्रदान कर स्वागत किया गया।
उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह ने अपने स्वागत भाषण में उपस्थित सभी अतिथियों एवं जिलेवासियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि छठ महापर्व केवल एक पूजा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास, अनुशासन एवं सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व शांति, समर्पण एवं सांस्कृतिक महत्ता का प्रतीक है तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि लाए।
अपने विस्तृत संबोधन में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं एवं जिलेवासियों को छठ महापर्व एवं बिहार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चैती छठ महापर्व के पावन अवसर पर देव छठ मेला तथा बिहार दिवस का संयुक्त आयोजन जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि देव की पावन धरती पर अवस्थित भगवान सूर्य का भव्य मंदिर धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसकी विशिष्ट स्थापत्य कला इसे विशेष पहचान प्रदान करती है। इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण छठी से आठवीं शताब्दी के मध्य माना जाता है, वहीं पौराणिक मान्यताओं में इसे त्रेता युग से संबंधित बताया गया है। मंदिर परिसर में स्थित शिलालेख इसकी प्राचीनता एवं महत्ता को और अधिक प्रमाणित करता है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि चार दिवसीय छठ महापर्व के अवसर पर आयोजित इस भव्य मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है। देव सूर्य मंदिर एवं कुंड परिसर तक पहुंचने वाले सभी मार्गों की मरम्मत कराई गई है तथा विभिन्न स्थानों पर सिगनेज लगाए गए हैं। पेयजल, टेंट-पंडाल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आपात स्थिति से निपटने के लिए भी सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
उन्होंने स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवकों, बुद्धिजीवियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
जिला पदाधिकारी ने बिहार दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा का उत्सव है। इसी दिन बिहार ने अपनी स्वतंत्र पहचान की यात्रा प्रारंभ की थी। बिहार वह भूमि है जहां वैशाली में विश्व के प्रथम गणतंत्र की स्थापना हुई, नालंदा एवं विक्रमशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों ने ज्ञान की अमिट छाप छोड़ी, तथा इस धरती ने सम्राट अशोक की वीरता एवं महात्मा बुद्ध के शांति संदेश को आत्मसात किया। उन्होंने कहा कि आज बिहार विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है तथा कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास एवं न्याय पहुंचाना है। उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम एक ऐसे बिहार के निर्माण में सहयोग करें जो आत्मनिर्भर, शिक्षित, समृद्ध एवं सुरक्षित हो।
इस अवसर पर जिला स्तरीय पदाधिकारी, मंदिर न्यास समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

