छपरा/बिहार 25 जुलाई। 27 जुलाई से 29 जुलाई तक विहंगमयोग सम्मेलन के लिए तैयार है अमनौर प्रखंड का ढोरलाही कैथल गांव। अमनौर कि ऐतिहासिक एवं पौराणिक पावन पवित्र भुमि पर शुभागमन होने जा रहा है आचार्य स्वतंत्रदेव जी महाराज का। आचार्य श्री के सानिध्य में विश्व के कल्याणार्थ 2100 कुन्डिय वैदिक हवन यज्ञ कि तैयारी अंतिम चरण में है। लगातार तीन दिनों तक संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज के सानिध्य में जय स्वर्वेद कथा कि अमृत वर्षा होगी। विहंगमयोग संत सम्मेलन का कार्यक्रम 27 जुलाई 2023 गुरुवार को प्रातः 6 बजे अ अंकित श्वेत ध्वजारोहण से प्रांरभ होगा। आसन प्रणायाम का अद्भुत नजारा अध्यात्मिक आभा के साथ देखने को मिलेगा अमनौर प्रखंड के ढोरलाही कैथल गांव में। सज धज कर पंडाल तैयार है अपने अतिथियों के स्वागत में आतिथ्य के लिए। हो भी क्यो नही? विहंगमयोग के प्रणेता महर्षि सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज ने अध्यात्म के जिन गुढ रहस्यो को विश्व के कल्याणार्थ प्रगट किया था आज उसकी अद्भुत छटा विखेरने के लिए परमाणु का कण कण क्रियाशील है। विहंगमयोग छपरा संत समाज के देख रेख में आयोजित इस तीन दिवसीय संत सम्मेलन में सद्गुरु आचार्य श्री स्वतंत्रदेव जी महाराज के पावन 76वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विश्व के कल्याणार्थ 2100 कुन्डिय वैदिक हवन यज्ञ संपन्न होने जा रहा है। इस शुभ अवसर पर भारत के कोने कोने से विहंगमयोग के अनुयायी,भक्त, शिष्य शिष्या के साथ साथ शुधि प्रबुद्ध विद्वान संतो का शुभागमन आध्यात्मिक लाभ के लिए हो रहा है एवं श्रद्धालु पधार रहे हैं। अमनौर ढोरलाही कैथल गांव धन्य होने जा रहा है। 27 जुलाई गुरूवार से 29 जुलाई शनिवार तक विहंगमयोग के दिव्य ज्ञान से यह क्षेत्र गुनजयमान होता रहेगा।

