
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 अगस्त।आज महाराजा कॉलेज में महिला समानता दिवस के उपलक्ष्य में पी जी अंग्रेजी विभाग द्वारा दस्तक’ नाटक का नात्यमंचन का आयोजन किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पी जी अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ० वंदना सिंह ने कहा कि छात्रो को युरोपीय नाटक और भारतीय नाटक का पेपर देना बहुत कठिन है क्योंकि उन्होने कभी नाटक के मंचन में भाग नहीं लिया है और वे अपने स्वयं के इतिहास के अलावा अन्य इतिहास की पृष्टभूमि से भी अनभिज्ञ हैं। पी जी और यू जी के छात्रों का करिकुलम से जुड़ा ड्रामा का पेपर। इस व्यावहारिक अनुभव के पीछे उद्देश्य नाटक को समझाने का एक अलग दृष्टिकोण देना और साथ ही समग्र व्यक्तित्व विकास करना था। छात्र कलाकारों में यह बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। विभाग नित्य नये प्रयोगो के द्वारा अपने छात्रों का उत्साह वर्धन करता रहता है। इसी कड़ी में छात्रों को अरविंद गौड़ लिखित नाटक ‘दस्तक’ द्वारा अपने साथ पढ़ती छात्राओं के प्रति संवेदनशील बनाने की कोशिश है। अरविंद गौड का नुक्कड़ नाटक ‘दस्तक’ एक ससक्त प्रस्तुती है जो छेड़छाड़ जैसे संवेदनशील विषय को उठाती है। यह नाटक गौड़ द्वारा रंगमंच के माध्यम से सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के प्रयासों का एक हिस्सा है। दस्तक’ एक विचारोत्तेजक नाटक है जो छेड़छाड़ को संबोधित करने और महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने की आवश्यक्ता पर प्रकाश डालता है। नाटक के निर्देशक रितिक मिश्रा और सुंदरम आरा से है लेकिन वे भारत के विभिन्न हिस्सों में अभिनय करके नाटक की शैली को बढ़ावा दे रहे हैं। रितिक मिश्रा ने नई दिल्ली में मंचित नाटक में अभिनय किया है।चीफ गेस्ट प्रो० निखिल कुमार पीजी हेड़ वी. के.एस.यू. आरा ने अपने भाषण में कहा कि नाटक प्रासंगिक है और वर्तमान में होती घटनाओं पर आधारित है। उन्होने छात्रों को बहुत प्रोतसाहित किया।
डॉ० शैलेश रंजन सहायक प्रोफेसर पीजी अंग्रेजी विभाग ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद कई व्यक्ति और संगठन लैंगिक समानता हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रगति के कुछ संकेतों में शामिल हैं। हालांकि अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि की गई प्रगति को पहचाना जाए और अधिक समान समाज के लिए प्रयास जारी रखा जाए।
धन्यवाद ज्ञापन पीजी अंग्रेजी विभाग के संकाय डॉ० शाहनवाज ने दिया।उन्होने सवाल किया महिलाएं वास्तव में पुरुषों के बराबर है ।लैंगिक समानता हासिल करने की दिशा में प्रगति हुई है। लेकिन महिलाओं को अभी भी जीवन के कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बाधाओं और पूर्वाग्रहों का सामना करना पड़ता है। विभाग के मेहनती पूर्व दो छात्र शशि प्रकाश और हर्ष रंजन के सहयोग के बिना कार्यक्रम का सुचारू रूप से संचालन संभव नहीं था। नाटक में भाग लेने वाले छात्र-छात्राएँ स्नातकोत्तर अंग्रेजी सेमेस्टर 3 और सेमेस्टर 1 एवं स्नातक अंग्रेजी ऑनर्स सेमेस्टर 2 और कुछ व्यक्तित्व विकास और संचार जो यूजी के लिए निर्धारित संचार पेपर का हिस्सा हैं के स्नातक छात्र हैं कृतिका सिंह, भारती, सोनल, खुशी, अमित, अंकित, अंबरीश, दिव्या, कली सिंह, कृति, रोहित राज, सोनम कुमारी, गौरव पटेल। मुख्य गायिका स्वाति शर्मा भी पीजी अंग्रेजी विभाग की छात्रा है। कार्यक्रम में एंकर नारायणी और रिया वर्मा थीं।
