
RKTV NEWS/पटना(बिहार )02,मार्च। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में विभागीय सभागार में आज 04 प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में फोरलेन मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, सिवान-मशरख परियोजना, बकरपुर-मानिकपुर एवं महेंशखूंट-सहरसा-पूर्णिया सड़क परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण, भौतिक प्रगति, समय-सीमा और अन्य बाधाओं पर चर्चा हुई।
फोरलेन मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे- यह 82.4 किलोमीटर लंबी चार-लेन ग्रीनफील्ड परियोजना (मोकामा से मुंगेर-चाननपुरा) स्वीकृत हुई, जिसकी कुल अनुमानित लागत 4447 करोड़ रुपये है। यह परियोजना पटना के मोकामा से होकर लखीसराय, शेखपुरा एवं मुंगेर जिले तक जाएगी। सचिव ने भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके निर्माण होने से लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने सिवान-मशरख परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। सिवान में 44.5 किलोमीटर एवं सारण जिले में 5.6 किलोमीटर इस परियोजना की लंबाई है। परियोजना की लागत लगभग 1399 करोड़ रुपये है। बकरपुर-मानिकपुर सड़क परियोजना की भी गहन समीक्षा की गई। पदाधिकारी ने बताया कि परियोजना की प्रगति अच्छी है। बकरपुर-मानिकपुर सड़क परियोजना की लागत लगभग 1422 करोड़ रुपये है ,जिसकी कुल लंबाई 38.81 किलोमीटर है। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारी से बात करके भू-अर्जन में आ रही बाधाओं को दूर करने का निदेश दिया। परियोजना पटना-बेतिया हाई स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इसके उपरांत सचिव के द्वारा महेंशखूंट-सहरसा-पूर्णिया सड़क परियोजना की समीक्षा कर प्रगति जानकारी ली गई। यह 2-लेन उन्नयन परियोजना है और इसका कार्य अंतिम चरण में है। परियोजना का 91 प्रतिशत का कार्य पूर्ण हो गया है। सचिव ने संबंधित जिले के जिलाधिकारी से बात कर भू-अर्जन की समस्या का निराकरण हेतु निदेश दिया। बचे हुए शेष कार्य को अप्रैल माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों, एनएचएआई को निर्देश दिए कि सभी परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण, बाधाओं का निवारण और प्रगति को तेज किया जाय। उन्होंने जोर दिया कि विभाग इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और यातायात सुगमता में उल्लेखनीय सुधार हो।
