
भोपाल/ मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)27 दिसंबर।मामा बालेश्वर दयाल की 27वीं पुण्यतिथि पर भील आश्रम बामनिया में आयोजित हुआ भव्य आदिवासी महाकुंभ 26 दिसंबर को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक, समाजवादी चिंतक एवं जनता दल के पूर्व सांसद मामा बालेश्वर दयाल की 27वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भील आश्रम, बामनिया (जिला झाबुआ) में भव्य आदिवासी महाकुंभ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश से हजारों की संख्या में भील आदिवासी समाज, दलित एवं शोषित-वंचित वर्ग के लोगों ने उपस्थित होकर मामा जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
25 दिसंबर की संध्या से ही मामा बालेश्वर दयाल की समाधि स्थल पर विशाल मेला प्रारंभ हो गया था, जो पूरी रात भजन-कीर्तन एवं धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रूप में चलता रहा। समाधि स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा देखते ही बनती थी।
इस अवसर पर जनता दल (यू) द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा 26 दिसंबर को प्रातः 9 बजे प्रारंभ हुई, जिसे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल ने संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान में बहुत कम ऐसे संत-महापुरुष हुए हैं, जिनकी समाधि स्थल पर आज भी जनमानस की इतनी गहरी श्रद्धा देखने को मिलती है। मामा बालेश्वर दयाल जी ने भील आदिवासी समाज एवं शोषित-वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जो ऐतिहासिक कार्य किए, वे देश के सामाजिक आंदोलन में एक अलग और प्रेरणादायी स्थान रखते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष श्री जायसवाल ने मांग की कि मामा बालेश्वर दयाल को उनके अतुलनीय सामाजिक योगदान को देखते हुए भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से जनता दल (यू) द्वारा एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी प्रारंभ किया गया, जिसमें सैकड़ों-हजारों लोगों ने मोबाइल नंबर के माध्यम से अपनी सहभागिता दर्ज कर इस अभियान को समर्थन दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि मामा बालेश्वर दयाल जी की जीवनी एवं उनके द्वारा किए गए सामाजिक, शैक्षणिक और आदिवासी उत्थान के कार्यों को शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके विचारों और संघर्षों से प्रेरणा ले सकें।
प्रदेश अध्यक्ष ने इस अवसर पर यह खेद भी व्यक्त किया कि तीन-तीन राज्यों से इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए शासन-प्रशासन की ओर से कोई समुचित प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की।
कार्यक्रम में जनता दल (यू) के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष भैरू सिंह डामोर, हरि ओम सूर्यवंशी, प्रदेश महासचिव शोभाल सिंह सिसोदिया, प्रदेश सचिव धर्मेंद्र तिवारी, संभागीय प्रवक्ता सतनारायण शर्मा, रतलाम जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र डामोर, झाबुआ जिला अध्यक्ष टोल सिंह भूरिया, धर्मेंद्र मेड़ा, राहुल कलर, भूरा डामोर, दिलीप व्यास, रामेश्वर सिंगर, रमेश पूनिया, ललित वसुनिया, अमर सिंह कलाल, नितेश सिंह सहित जनता दल (यू) के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मामा जी के अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं ऐतिहासिक रहा, जिसने मामा बालेश्वर दयाल के विचारों और संघर्षों को पुनः जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
