
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)14 अक्टूबर।बिहार विधानसभा आम चुनाव 2025 का शंखनाद हो चुका है। एक तरफ चुनाव आयोग के निर्देश पर पूरा प्रशासन सफलतापूर्वक चुनाव संचालन हेतु कारगर उपाय कर रहा है तो दूसरी तरफ सभी राजनीतिक पार्टियां अपने जीत हेतु उम्मीदवारों की सूची को अंतिम स्वरूप देने में लगी है।लेकिन आज तक सभी पार्टियां विधानसभा की सभी सीटों पर सहमति के साथ साथ नाम घोषित न कर सकी ।सभी उम्मीदवार अपने नाम की घोषणा के लिए उतावले है यहां तक की पटना से दिल्ली तक का दौड़ लगा रहे हैं। आज तक भी उम्मीदवारों की सूची एवं सहयोगी दलों की सीट शेयरिंग की पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसी प्रश्न को समझने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता पूर्व निगम पार्षद डॉक्टर जितेंद्र शुक्ला से बातचीत कर रहे हैं।
उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशित नहीं होना क्या संकेत है? के जबाब में बताया की एक तरफ छोटे-छोटे दल अपने को मजबूत बनाने,अपनी पहचान व पार्टी आधार मजबूत करने के लिए चुनाव के परिपेक्ष्य में बड़े पार्टियों के साथ बारगेनिंग करते नजर आ रहे हैं तो दूसरी तरफ पूर्व के विधायक या उनके समक्ष अथवा बड़े नेता और नेताओं के पुत्रों की भी दावेदारी निश्चित रूप से बाधा उत्पन्न कर रही है। सहयोगी दल भी सीट शेयरिंग के लिए दबाव बनाते नजर आ रहे है। कुछ नेताओं की नेताओं के प्रति नाराजगी भी खुलेआम देखने को मिल रही है जिससे शीर्ष नेता असहज महसूस कर रहे हैं।
पूर्व विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह के संबंध में इन्होंने कहा कि वरीयता, जानकारी, राजनीतिक परिवार, आर एस एस की पृष्ठभूमि ,नेक दिल इंसान , व्यवहार कुशल भी है। मतदाताओं की भी स्थिति बुद्धिजीवी पढ़े-लिखे, व अच्छे लोग के साथ चाहते हैं वहीं अपराधिक ,गुंडा, बदमाश , मावाली से सभी लोग दूर ही रहना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में अमरेंद्र प्रताप सिंह, संजय सिंह टाइगर, आर के सिंह, पूर्व एमपी मीना सिंह के पुत्र, सभापति अवधेश नारायण सिंह के पुत्र, आदि भी दावेदारी में जोर-जोर से लगे हैं।
मतदाताओं में वैचारिक दृष्टिकोण से मत तीन तरफ बटने की स्थिति है जिसमे एनडीए, इंडिया और जन सुराज है। दो बड़े गठबंधन में कौन-कौन उम्मीदवार आते हैं,अभी घोषणा के बाद ही जनता का अंतिम निर्णय होगा और स्थिति निर्भर करेगी।भाकपा माले के पूर्व उम्मीदवार कयामुद्दीन जी पिछले चुनाव में टक्कर से रहे।इस बार भी पार्टी सहित जोर शोर लगे हैं। इंडिया गठबंधन के सशक्त उम्मीदवार हैं।कार्यकर्ता और सहयोगी बड़ी पार्टी राजद कांग्रेस के सहयोग से जबरदस्त टक्कर होगा। वहीं जन सुराज से स्थानीय ,प्रसिद्ध सर्जन,आइ एम ए भोजपुर के सचिव, रेडक्रास व अन्य संगठनों से जुड़े रहने के करण तथा अपनी सेवा से पहचान बनाने वाले डा विजय गुप्ता अति उत्साह के साथ चुनाव में कूद पड़े हैं।जन सुराज पार्टी व उसके नेता सीट जीतने के लिए प्रयत्नशील है।डा गुप्ता चुनाव की गणित बदल सकते हैं।डा शुक्ल ने बताया की आरा की सीट काफी दिलचस्प व
संघर्ष पूर्ण हो गई है। अच्छे उम्मीदवार नहीं होने के कारण त्रिकोणात्मक मुकाबला की संभावना बन रही है, राजनीतिक स्थिति बादल भी सकती है। फिलहाल उम्मीदवारी की अपेक्षा है।अंतिम फैसला तो जनता ही करेगी।
