
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 फरवरी।छात्र नेता साहिल अरोरा ने परीक्षार्थियों के दुख दर्द और व्यथा को लेकर जिला प्रशासन से अनुरोध किया है क्या 5 मिनट विलंब होने पर परीक्षार्थियों को परीक्षा से बाहर कर दिया जाए, उन्हें प्रवेश न मिले यह जिला प्रशासन की असंवेदनशीलता है। परीक्षार्थी 3 घंटे पूर्व से परीक्षा देने के लिए निकलते हैं लेकिन शहर की ट्रैफिक कुव्यवस्था और जाम के कारण कहीं ना कहीं इन्हें फसना पड़ता है और विलंब का सामना करना पड़ता है। शहर में वैसे ही प्रतिदिन जाम लगते हैं लेकिन परीक्षा की स्थिति में तो और भी विकट परिस्थितियों उत्पन्न हो जाती है, हजारों की संख्या में छात्र आज अभिभावक परीक्षा के लिए आते हैं।ऐसी स्थिति में परीक्षार्थी क्या करें,इसपर सार्थक पहल और आवश्यक कार्रवाई की जरूरत है।कुछ मानवीय संवेदना पर रियायत होनी चाहिए।अन्यथा परीक्षार्थी निराश हताश और गंभीर मानसिक प्रताड़ना का शिकार होते हैं। जाम से मुक्ति दिलाना,पूर्व से शहर में अतिरिक्त प्रवेश बंद करना और सफलतापूर्वक परीक्षा का संचालन कराना विद्यार्थियों का काम नहीं बल्कि जिला और पुलिस प्रशासन का कार्य होता है। केवल परीक्षा केन्द्र पर पुलिस और मजिस्ट्रेट के माध्यम से जबरदस्ती परीक्षार्थी को भगा देना उचित नहीं है।
