आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ दिलाना करें सुनिश्चित : उपविकास आयुक्त

जनजातीय समुदाय के उत्थान में निभाएँ सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका।

जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार हेतु दिया गया प्रशिक्षण।
RKTV NEWS/देवघर ( झारखंड)08 सितंबर।उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आज जिलास्तरीय तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की संयुक्त सहभागिता से संचालित आदि कर्मयोगी अभियान का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं। आगे उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य जनजातीय एवं अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। जब शासन की योजनाएं सुदूरवर्ती गांवों तक समयबद्ध रूप से पहुंचेगी और उनका लाभ पात्र लाभुकों तक शत-प्रतिशत पहुंचेगा, तभी अभियान की वास्तविक सफलता सिद्ध होगी। इसे साकार करने में प्रत्येक वर्ग का योगदान अपेक्षित है। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान योजना के तहत एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य जिले के सभी जनजातीय ग्रामों में जनजातीय परिवर्तन के माध्यम से शासन को सशक्त बनाना है। आगे उन्होंने सभी प्रतिभागियों को आदि कर्मयोगी का पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर जनजातीय समुदाय के उत्थान में अपनी महती भूमिका निभाने की बात कही। साथ ही अभियान के तहत जनजातीय समाज के वंचित वर्ग को योजनाओं का लाभ दिलाने और मुख्य धारा में लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करे, इसलिए अपने महत्व को समझते हुए गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें।
इसके अलावे कार्यशाला के दौरान उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी प्रशिक्षण का लाभ उठाए और क्षेत्र में जाकर जनजाति समाज के उत्थान में सक्रिय सहयोगी बनने में अपनी महत्ती भूमिका निभाएं। आगे उन्होंने कहा कि देवघर जिले के सभी 10 प्रखण्डों में 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वाले अनुसूचित जनजाति बाहुल्य सभी ग्रामों में निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदायों को अपनी आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करने, अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और विकास की दिशा में एक स्थायी मार्ग निर्धारित करने के लिये आदि कर्मयोगी अभियान प्रांरभ किया गया है। इसमें मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा। वे अपने-अपने प्रखंड में ब्लॉक मार्स्ट्स ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देकर आदि सहयोगी व आदि साथी चयनित कर उन्हें प्रशिक्षित कर ‘‘आदि कर्मयोगी एक उत्तरदायी शासन प्रणाली कार्यक्रम‘‘ हेतु तैयार करेंगे। इससे जनजाति समुदाय के लोगों को उनके कल्याण की योजनाओं का लाभ देने हेतु सैच्यूरेट किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार वंचित नहीं रहे।
इसके अलावा उप विकास आयुक्त ने सभी को शपथ दिलाई कि हम देवघर के समर्पित आदि कर्मयोगी शुद्ध अंतःकरण से प्रतिज्ञा करते हैं कि हम अपने जिले में आदि कर्मयोगी अभियान को सफल बनाने हेतु पूर्ण निष्ठा, पारस्परिक सहयोग, सामुदायिक सहभागिता एवं दृढ संकल्प के साथ कार्य करेंगे। हम अपने अनुभव एवं अर्जित ज्ञान के अतिरिक्त तकनीकी कौशल का उपयोग देवघर जिले के सभी आदि कर्मयोगी गाँव के सतत एवं सर्वांगीण विकास के लिए सुनिश्चित करेंगे। हम सामुदायिक संवाद के प्रभावी माध्यमों से ग्रामीणों के बीच सर्वांगीण एवं सतत विकास की अवधारणा विकसित करेंगे। हम यह सुनिशचित करेंगे कि पारस्परिक सहयोग से ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सरकारी कार्यक्रम का लाभ मिले और उनका जीवन और परिवेश बेहतर हो सके।
कार्यशाला के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी दयानन्द दूबे, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुमारी रंजना, सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, डीपीएम जे0एस0एल0पी0एस, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, डीएमएफटी की टीम के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मी आदि उपस्थित थे।

