
RKTV NEWS/जमशेदपुर ( पूर्वी सिंहभूम)02 फरवरी।क्षेत्र परिभ्रमण के क्रम में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत कुईलीसुता पंचायत के कुईलीसुता गांव में पारंपरिक डोकरा आर्ट से जुड़े कारीगरों से संवाद किया। इस दौरान उपायुक्त ने कारीगरों की आवश्यकताओं, उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन एवं आमदनी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। बता दें कि डोकरा आर्ट झारखंड की प्राचीन जनजातीय धातु शिल्प कला है, यह कला न केवल सांस्कृतिक धरोहर है बल्कि आत्मनिर्भर भारत एवं वोकल फॉर लोकल की भावना से भी जुड़ी हुई है।
उपायुक्त ने कारीगरों को आश्वस्त किया कि डोकरा उत्पादों को स्थानीय, राज्य एवं राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे । बाजार की मांग के अनुरूप डिज़ाइन, फिनिशिंग एवं पैकेजिंग को लेकर परामर्श एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा । डोकरा आर्ट के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ राज्य में एक्सपोजर विजिट का आयोजन कर कारीगरों को आधुनिक विपणन एवं नवाचार से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कला को संरक्षित करते हुए बाजार से प्रभावी रूप से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने मौके पर मौजूद पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जमशेदपुर शहर स्थित साकची में स्थापित ‘विश्वकर्मा प्वाइंट’ में डोकरा कारीगरों को स्थायी स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने उत्पादों की प्रत्यक्ष बिक्री कर सकें और पूर्वी सिंहभूम वासी भी इस कला से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि डोकरा आर्ट से जुड़े कारीगरों को सरकारी योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों, GI टैग एवं ई-मार्केटप्लेस से जोड़कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएग। इससे न केवल पारंपरिक कला का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस अवसर पर सीओ मुसाबनी पवन कुमार, डीपीएम जेएसएलपीएस सुजीत बारी, जिला उद्यमी समन्वयक तथा डोकरा आर्ट से जुड़े कारीगर उपस्थित थे।
