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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने नई दिल्ली में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन किया।

पीएम विश्वकर्मा गांव-स्तरीय पृष्ठभूमि से आने वाले कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करता है:जीतन राम मांझी

पीएम विश्वकर्मा हाट के मंच पर विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 117 से अधिक कारीगरों की भागीदारी देखना वास्तव में उत्साहजनक है: शोभा करंदलाजे, राज्य मंत्री

RKTV NEWS/ नई दिल्ली 19 जनवरी।केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में आयोजित पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम में इराक और रवांडा के राजदूतों, एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों, कारीगरों तथा अन्य हितधारकों ने भी अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई।
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने पीएम विश्वकर्मा योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “पीएम विश्वकर्मा गांव-स्तरीय पृष्ठभूमि से आने वाले कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करता है और यह एक सराहनीय प्रयास है।” केंद्रीय मंत्री ने विश्वकर्मा के महत्व को भी स्पष्ट किया और योजना के पीछे की परिकल्पना की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल और गतिशील नेतृत्व में यह योजना देश के प्रत्येक विश्वकर्मा को बाजारों तक पहुंच प्रदान कर रही है और उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान देने का अवसर दे रही है।
इस अवसर पर बोलते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि, “प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में पीएम विश्वकर्मा पहल ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पीएम विश्वकर्मा हाट के मंच पर विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 117 से अधिक कारीगरों की भागीदारी देखना वास्तव में उत्साहजनक है।” उन्होंने आगे कहा कि पीएम विश्वकर्मा गांव के कारीगरों को एक सक्षम मंच प्रदान कर उनसे जुड़ाव स्थापित करता है, जिससे उनके लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच के नए मार्ग खुलते हैं। उनके अनुसार, ये उपलब्धियां भारत सरकार के सतत प्रयासों और एमएसएमई मंत्रालय के समर्पित कार्य का परिणाम हैं।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव एस.सी.एल. दास ने पीएम विश्वकर्मा को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि विश्वकर्माओं की समृद्ध और विविध क्षमता वास्तव में “विरासत से विकास” की परिकल्पना को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार विश्वकर्मा अपनी पारंपरिक दक्षताओं को सुंदरता और कौशल के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें एक सशक्त एवं सक्षम मंच प्राप्त हुआ है, जिसने उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अपर सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने पीएम विश्वकर्मा योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वकर्मा भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के इंजन हैं। उन्होंने योजना के लाभों का विस्तार से उल्लेख किया और बताया कि यह किस प्रकार कारीगरों के लिए बेहतर एवं व्यापक विपणन अवसर सृजित कर रही है।
हाट के दौरान बिहार और राजस्थान की विषयवस्तु पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिससे आयोजन में जीवंतता आई और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का सुंदर प्रदर्शन हुआ।
18 से 31 जनवरी तक आयोजित हो रहा दिल्ली हाट का पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा का उत्सव मना रहा है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 117 से अधिक कारीगर भाग ले रहे हैं, जिससे यह पारंपरिक शिल्पों का अखिल भारतीय प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करता है। इस प्रदर्शनी में हस्तनिर्मित उत्पाद, लाइव शिल्प प्रदर्शन और “विश्वकर्मा का अभियान, विकसित भारत का निर्माण” की भावना को प्रतिबिंबित करने वाले समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव शामिल हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना कारीगरों को लाभों का एक व्यापक पैकेज प्रदान करती है। इसके अंतर्गत पीएम विश्वकर्मा पहचान पत्र एवं प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं, ₹500 प्रति दिन के भत्ते के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है तथा ₹15,000 तक की टूलकिट प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के लाभार्थी ₹3 लाख तक के बिना जमानत ऋण के लिए भी पात्र होते हैं, साथ ही डिजिटल लेन-देन अपनाने पर प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह योजना उत्पाद ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स सक्षमकरण सहित विपणन सहायता के माध्यम से कारीगरों को सहयोग प्रदान करती है।

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