
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 जनवरी।पंडित बिरजू महाराज की चौथी पुण्यतिथि पर शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक द्वारा संगीत की सभा आयोजित की गई। तीन दिवसीय संगीत संध्या के समापन सत्र में महान कथक नर्तक पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर महाराज जी के शिष्य कथक गुरु बक्शी विकास ने कहा कि अपनी साधना एवं सेवा की बदौलत पंडित बिरजू महाराज कथक के प्रयाय बन गए। महाराज जी के द्वारा कथक में किये गए नवाचार और कल्पनाशीलता ने कथक को विश्व भर के लोगों के हृदय में बसा दिया। महाराज जी को जिस प्रकार इस कला विधा से जानते हैं उसी प्रकार कथक विधा को महाराज जी के नाम से जानते हैं। इस अवसर पर युवा कथक नर्तक अमित कुमार ने कथक की शुरुआत शिव वंदना से करते हुए उठान, थाट, आमद, परन, तिहाई व टुकड़ों की नयनाभिराम प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हारमोनियम पर अजीत पांडेय व तबले पर सूरज कांत पांडेय ने संगत से रंग बिखेर दिया। मंच संचालन गुरु आदित्या श्रीवास्तव व धन्यवाद ज्ञापन स्नेहा पांडेय ने किया। इस अवसर पर कवियित्री डॉ. ममता मिश्रा, डॉ. किरण कुमारी, कवि जनमजय ओझा, रंगकर्मी कृष्ण यादव कृष्नेंदु, नृत्य शिक्षिका हर्षिता विक्रम, गायिका श्रेया पांडेय समेत कई संगीत प्रेमी उपस्थित थें।
