हैदराबाद/तेलंगाना 17 जून। वैश्विक मोटा अनाज (श्री अन्ना) सम्मेलन में आईसीएआर – भारतीय मोटा अनाज अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईआईएमआर) को ‘मोटे अनाज (श्री अन्ना) पर उत्कृष्टता का वैश्विक केंद्र’ घोषित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हैदराबाद में जी20 कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक में अपने वीडियो संदेश में मोटे अनाज को बढ़ावा देने और अपनाने में इस संस्थान की प्रमुख भूमिका का बखान किया।
विभिन्न जी20 देशों के कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों को आईसीएआर-आईआईएमआर का पहला अनुभव कराने के लिए, विशेष रूप से मोटे अनाज पर जारी अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के दौरान, इसके भ्रमण की भी व्यवस्था की गई थी। इस भ्रमण की योजना जी20 कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक (एएमएम) के हिस्से के रूप में की गई जो 15 से 17 जून तक हैदराबाद में आयोजित की गई थी।
इस भ्रमण और प्रदर्शनी में कृषि मंत्रियों, जी20 देशों के विभिन्न प्रतिनिधियों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और भारत के कई अन्य गणमान्य लोगों सहित 300 से अधिक हस्तियों की भारी भागीदारी देखी गई।
जी20 देशों से आए कृषि मंत्रियों के पारंपरिक स्वागत के बाद सभी प्रतिनिधियों को आईआईएमआर परिसर के खेतों में ले जाया गया जहां उन्हें आठ अलग-अलग मोटे अनाजों की तैयार फसलें दिखाई गईं। इस अवसर पर जी20 देशों के कृषि मंत्रियों ने खान-पान में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में मोटे अनाज के पौधे लगाए।
जी20 देशों के कृषि मंत्रियों ने आईआईएमआर परिसर में स्थापित विभिन्न मोटा अनाज प्रसंस्करण इकाइयों का भी दौरा किया, जिसमें प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई, बेकरी इकाई, पैकेजिंग इकाई आदि शामिल हैं। उन्हें फ्लेकिंग इकाई, कोल्ड एक्सट्रूज़न लाइन, बिस्कुट लाइन जैसी दूसरी इकाइयां भी दिखाई गईं। इन प्रसंस्करण मशीनरी से मोटा अनाज मफिन, कुकीज़ और नूडल्स जैसे विभिन्न मोटे अनाज के मूल्य वर्धित उत्पाद बनाए जाते हैं।
कृषि मंत्रियों और अन्य प्रतिनिधियों ने भी न्यूट्रीहब का दौरा किया। न्यूट्रीहब भारत सरकार द्वारा समर्थित टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर है जिसे भारतीय मोटा अनाज अनुसंधान संस्थान आईसीएआर-आईआईएमआर, हैदराबाद द्वारा चलाया जाता है। न्यूट्रीहब-आईआईएमआर में इनक्यूबेशन प्रोग्राम को आवश्यक तकनीक और सहायता प्रदान करके मोटा अनाज स्टार्ट-अप्स को एक सुव्यवस्थित तरीके से बढ़ने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसके अलावा, उत्कृष्टता के इस केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में जी20 देशों के प्रतिनिधियों ने मोटे अनाज से अपने-अपने देशों के विभिन्न विशिष्ट व्यंजनों का भी मजा लिया। आईआईएमआर में उत्कृष्टता केंद्र ज्ञान हस्तांतरण, प्रौद्योगिकी प्रसार और मोटे अनाज से उत्पाद विकास में सहायता करता है।
इस भ्रमण का एक प्रमुख आकर्षण मोटे अनाज पर प्रदर्शनी थी। प्रदर्शनी में देश भर के चयनित एफपीओ, मोटा अनाज निर्यातकों और मोटा अनाज आधारित स्टार्ट-अप्स के 30 अद्वितीय स्टाल लगाए गए।
कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने तीन पुस्तकों का विमोचन किया। इसमें ‘मिलेटोलॉजी’ नामक पुस्तक शामिल है जो मोटे अनाज पर एक समर्पित पुस्तक है। इसका संकलन प्रसिद्ध भारतीय रसोइयों और इंडियन फेडरेशन ऑफ कलेनरी एसोसिएशन के पाक पेशेवरों द्वारा किया गया है। आयोजन के दौरान विमोचन की गई दूसरी पुस्तक आईआईएमआर की ‘कुलिनरी डिलाइट्स: मिलेट्स ट्रेडिशनल रेसिपीज एंड सेवरीज’ और तीसरी पुस्तक ‘ए कम्पेंडियम ऑफ इंडियन मिलेट स्टार्टअप्स’ हैं।
मोटे अनाजों को मुख्यधारा में लाने के लिए भारत के प्रयासों को मोटे अनाजों के विभिन्न उत्पादक देशों से जबर्दस्त समर्थन मिला है और मोटे अनाज को लोकप्रिय बनाने के लिए आईआईएमआर के प्रौद्योगिकी-संचालित दृष्टिकोण और मोटा अनाज प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यातकों और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के प्रयास मोटे अनाज पर अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के जारी समारोह में भारत की ‘अग्रणी भूमिका’ की दिशा में एक कदम आगे हैं।

