नई दिल्ली/17 जून।विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आज अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) का दौरा किया और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की सराहना की, जिसने समग्र स्वस्थ को बढ़ावा दिया है। इस अवसर पर उनके साथ दिल्ली से लोकसभा सांसद रमेश बिधूड़ी और दिल्ली के बदरपुर विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी, प्रमोद कुमार पाठक, विशेष सचिव, आयुष मंत्रालय, आयुष मंत्रालय के सलाहकार मनोज नेसारी भी उपस्थित हुए।
इस अवसर को संबोधित करते हुए, डॉ. एस जयशंकर ने कोविड-19 महामारी के बाद से उसका निवारक उपाय करने की दिशा में हुए वैश्विक बदलाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक स्तर पर जनकल्याण की समग्र अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक चिकित्सा को अपनाने के लिए एक वैश्विक केंद्र की स्थापना की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि भारत ने इसके महत्व को समझते हुए गुजरात के जामनगर में पारंपरिक चिकित्सा का वैश्विक केंद्र स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। हम दिल्ली निवासियों को पिछले 09 वर्षों में अनुभव किए गए उल्लेखनीय परिवर्तन की याद दिलाना चाहते हैं। यह संस्थान उन अनगिनत लोगों के लिए एक जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करता है, जिनपर इसका सकारात्मक रूप से प्रभाव पड़ा है। 20 से ज्यादा वर्षों तक लंबित रहने के बाद, यह परियोजना न केवल शुरू हुई है बल्कि प्रत्येक दिन हजारों लोगों का स्वास्थ्य इससे ठीक हो रहा है। यह नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का ही परिणाम है कि आयुर्वेद ने वर्तमान में अपना प्रमुख स्थान प्राप्त किया है।
एआईआईए की निदेशक, प्रोफेसर डॉ. तनुजा नेसारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, जिसे प्रायः आयुर्वेद के एम्स के रूप में भी जाना जाता है, का उद्घाटन 2017 में माननीय प्रधानमंत्री ने किया था। हम साक्ष्य-आधारित कार्यप्रणाली के लिए प्रतिबद्ध हैं और अब तक संस्थान 54 समझौता ज्ञापनों पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर कर चुका हैं। हमारे इनक्यूबेशन केंद्र की उपस्थिति और 2022 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक की यात्रा के साथ, हम आयुष मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं जिन्होंने हमें हमारे सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत करने का यह अमूल्य अवसर प्रदान किया है।”

