
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)04 जनवरी।अरुणाचल प्रदेश के एंजेल चकमा देहरादून में नस्लीय भेद के कारण निर्मम हत्या छात्र संगठन आइसा SB कॉलेज ईकाई द्वारा SB कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा आयोजित किया गया।जिसका संचालन सचिव साहिल अरोड़ा ने किया।आइसा जिला सहसचिव रौशन कुशवाहा ने कहा कि एंजेल चकमा की निर्मम हत्या देश की लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर सीधा हमला है। यह घटना केवल एक छात्र की हत्या नहीं, बल्कि जाती, नस्लीय, दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ते सांप्रदायिक हिंसा और नफरत की राजनीति का भयावह परिणाम है। यह अत्यंत चिंताजनक है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने में भाजपा और RSS सरकार की विफलता साफ दिखाई दे रही है। जब पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है, तब हिंसा को खुला आमंत्रण मिलता है।हत्या की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सज़ा दी जाए।श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए आइसा जिला सहसचिव जयशंकर प्रसाद ने कहा कि 24 वर्षीय एंजेल चकमा जो त्रिपुरा के रहने वाले थे इसके पिता एक BSF का सैनिक है जो मणिपुर बोर्डर पर तैनात है।निर्मम प्रहार जो 17 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद 26 दिसंबर 2025 को उनके मृत्यु हो गई। यह एक छात्रा के साथ इस प्रकार की घटना शर्मनाक है छात्र संगठन आइसा इसकी पुर जोर निंदा करता है।आयोजन में आइसा भोजपुर जिला उपाध्यक्ष सियाकांत बैठा,RYA नेता कमलेश अंबेडकर, महाराजा कॉलेज सचिव राजेश जी,जैन कॉलेज सचिव विवेक जी , राजन जी, , लाल जी शर्मा ,राहुल कुमार , अंकित राज,रिशु तिवारी , रूपा कुमारी , नीतू कुमारी सहित दर्जनों छात्र – छात्राएं साथी शामिल थे।
