
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 दिसंबर।भारतीय संगीत जगत के महान गायक मो. रफी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘प्रेम का सुसाज’ संस्था द्वारा मौलाबाग में फिल्म संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘सौ बार जनम लेंगे,. शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय गायकों ने रफी साहब के सदाबहार गीतों को गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।उद्घाटन रेडक्रॉस सोसाइटी की सचिव डॉ. विभा कुमारी, संगीत शिक्षक धर्मेंद्र सिंह, रमेश कुमार, राजकुमार, सुनीता पांडेय और आरती मौर्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन और मो.रफी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। शुरुआत धर्मेंद्र सिंह ने ‘तुम मुझे यूं भुला न पाओगे… मो. नौशाद ने एक बंजारा गाए जीवन के गीत सुनाए…., गुलाबी आंखें जो मैने देखी…, सुनीता पांडेय ने आया रे खिलौने वाला खेल….., नवीन पांडेय ने तू इस तरह से मेरी जिंदगी में….., शमशाद प्रेम ने सौ बार जनम लेंगे….., राज कुमार ने सुख के सब साथी…., खिलौना जानकर तुम तो…., रमेश कुमार ने दिल का सूना साज तराना ढूंढेगा.…, बड़ी दूर से आए हैं…, आरती मौर्या ने ये रेशमी जुल्फें ये शरबती आंखे….., श्रेया ने वादिया मेरा दामन….., प्रत्यूष पांडेय ने आने से उसके आए बहार…आदि गीतों को बखूबी प्रस्तुत किया। मैं जट यमला पगला दीवाना… को धर्मेंद्र सिंह ने प्रस्तुत किया।धर्मेंद्र सिंह व आरती मौर्य ने झिलमिल सितारों का आंगन होगा.। मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम संयोजक शमशाद प्रेम ने कहा कि रफी साहब भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे प्रभावशाली गायक थे।अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज किया। 40 वर्षों के करियर में 26 हजार से अधिक गाने गाए। धर्मेंद्र सिंह द्वारा आगंतुकों और कलाकारों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
