RK TV News
खबरें
Breaking Newsआलेख

मोबाइल एक नशा है।

RKTV NEWS /अरुण दिव्यांश ,17 फ़रवरी।सृष्टि के इस धरा पर मानव के इस जीवन में होश संभालने के पश्चात हमें बहुत कुछ देखने सुनने , सोचने समझने को मिलता है । प्रकृति ने हमें जीवनोपयोगी जो सुविधाऍं प्रदान की हैं , वे समस्त सुविधाऍं
दोषरहित होते हैं , किंतु वैज्ञानिकों द्वारा प्रदत्त जीवनोपयोगी सुविधाऍं भी दोषसहित होते हैं , जो होता तो सदुपयोग करने हेतु है , किंतु दुनिया उसका निजी स्वार्थ हित में उसका दुरुपयोग करना आरंभ कर देती है , जिसका परिणाम हमें बहुत ही बुरा भुगतने को मिलता है ।
जैसे टेलीविजन वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत किया गया मनोरंजन तथा उसमें चल रहे तरह तरह के धारावाहिक हमें जीवन हेतु शिक्षा लेने के लिए , हम उससे ग्रहण अपनी भलाई छोड़ बुराई लेना आरंभ कर देते हैं , जिससे आरंभ होता है लैला मजनूॅं की कहानी। यहाॅं माता-पिता , भाई बहन को कुछ मालुम नहीं और उधर धारावाहिक के माध्यम से लैला मजनूॅं का प्यार पनप रहा है। धीरे-धीरे एक दिन पता चलता है कि लड़का लड़की को लेकर भाग गया या लड़की लड़के को लेकर भाग गई ।
यहाॅं भाग दौड़ के प्रतियोगिता में भी लड़का यदि लड़की को लेकर भागता है तो उसकी प्रतिष्ठा बढ़ जाती है , उसके प्रतिष्ठा में चार चाॅंद लग जाती है , किंतु जिसकी लड़की भागती है तो वह लड़ाई झगड़ा यहाॅं तक कि हत्या करने कराने पर लोग आमादा हो जाते हैं , कारण कि निर्धन को धन नहीं प्रतिष्ठा प्यारी होती है और जहाॅं प्रतिष्ठा जाने की बात होती है तो वह प्रतिष्ठा जाने के पहले अपनी प्राण देना यथोचित समझता है ।

अरुण दिव्यांश

सरकार भी इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है । वह भी इसे बढ़ावा दे रही है । जब किसी नेता , अफसरों या अमीरों की बेटियाॅं भाग जाऍं तो सीधे लड़के को गोली मारी जाती है और कुछ बिगड़ भी नहीं पाता है ।
हमारे समझ से तो सरकार को यह प्रेम विवाह तोड़ देना चाहिए तथा ऐसा करने पर कठोर दंड दिया जाना चाहिए।
उसी तरह से विज्ञान ने जनों को अपनी सुरक्षा करने के लिए बंदूक और गोली दिया , जिसका नतीजा हुआ कि यत्र यत्र नर संहार होने लगा। ठीक वैसी ही आज मोबाइल की स्थिति हो गई है।यों तो मोबाइल से वंचित संभवतः आज एक बच्चा भी नहीं है और हर बच्चे मोबाइल देखने में नन्हें शिशु तक प्रवीण हो चुके हैं ।
यों तो हम कहते हैं कि मोबाइल ने तो हमारा संसार ही छोटा कर दिया।बात तो ठीक है , किंतु आज यह वाक्य भी द्विअर्थी है ।
मोबाइल ने हमारा बड़ा सा संसार छोटा कर दिया । अर्थात पूर्व में जब मोबाइल की सुविधा नहीं थी ,तब पत्राचार के आवागमन में अर्थात एक दूसरे का हाल खबर लेने में दस पंद्रह दिन लग जाते थे , किंतु आज मोबाइल की सुविधा होने के पल भर एक दूसरे की बातचीत बिल्कुल आमने-सामने हो जाती है , जैसे हम सभी एक जगह बैठकर बातें कर रहे हों ।
किंतु बहुत सारे लोग भी ऐसे हो गए हैं , जो मोबाइल के नशे में चूर हो जा रहे हैं। दिन-रात मोबाइल में अकारण वीडियो देखने में , अधिकतर गेम खेलने में इतने अधिक रत हो जा रहे हैं कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी का भी आभास नहीं होता तथा इससे भारतीय सभ्यता संस्कृति भी पलायन हो रहा है ।
आज मोबाइल की ऐसी स्थिति हो गई है कि बाप बेटा माॅं बेटी सबके सब एक एक कोने पकड़कर मोबाइल में व्यस्त हैं । उन्हें भी न शिष्टता का ख्याल है और न ही अपने आचार विचार का ही ख्याल है ।
इस प्रकार आज मोबाइल भी नशा का कारण नहीं होने के बावजूद लोग मोबाइल को ही नशा का कारण बना दिए हैं ।
मोबाइल का आविष्कार लोगों की सुविधा का खयाल करते हुए किया गया , परंतु आज परिणाम इसका इतना बुरा हो रहा है कि सबके सब सदैव मोबाइल में ही चिपककर रह गए । फलत: परिवार बड़ा होते हुए भी एक साथ रहते हुए भी हम अपने आप में सिमटकर अपना संसार स्वत: छोटा कर लिए ।
मोबाइल में नशा नहीं है , बल्कि इसके लत में नशा है ।

Related posts

गढ़वा:जनसुनवाई कार्यक्रम स्थगित: प्रशासन ने जताया खेद, नई तिथि शीघ्र होगी घोषित।

rktvnews

भोजपुर:भूख हड़ताल पर वीकेएसयू कैंपस में बैठे रहे सेवा निवृत कर्मचारी!26 अक्टूबर से आमरण अनशन पर।

rktvnews

पांच देशों के राजदूतों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए।

rktvnews

भोजपुर:क्लाइमेट चेंज से शरीर पर पडने वाले दुष्प्रभाव से बचाव पर हुआ प्रशिक्षण।

rktvnews

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री से की मुलाकात,राज्य संबंधित कई विषयों पर की विस्तृत चर्चा।

rktvnews

उज्जैन:मतदाताओं के घर घर जाकर कलेक्टर एसपी ने वितरित की मतदाता पर्ची, 13 मई को अपने घरों से निकलकर मतदान करने का किया आग्रह

rktvnews

Leave a Comment