
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)20 दिसंबर।झारखंड सरकार के उद्योग विभाग एवं झारखंड औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (JIIDCO) द्वारा एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता और प्रदर्शन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विश्व बैंक समर्थित RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के तहत 19 दिसम्बर 2025 को जिला उद्योग कार्यशाला भवन, बैगनथारा, सुखजोरा, जरमुंडी में एक दिवसीय “उद्यमिता पंजीकरण सह जागरूकता शिविर” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य जिले के नवोदित एवं मौजूदा उद्यमियों को औपचारिक रूप से एमएसएमई इकाइयों के रूप में पंजीकृत करना, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना, एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए उन्हें लाभान्वित करना था। शिविर में भाग लेने वाले उद्यमियों को ऑनलाइन उद्यम पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी दी गई। शिविर के दौरान कुल 21 उद्यमियों ने ऑन स्पॉट पंजीकरण कराया, जो कि जिले में औपचारिक एमएसएमई इकाइयों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस अवसर पर महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र दुमका दास कुमार एक्का ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि, एमएसएमई क्षेत्र देश के आर्थिक विकास में अहम् योगदान निभाते है। उनके द्वारा बताया गया कि डीआईसी एमएसएमई के लिए वन-स्टॉप-शॉप के रूप में कार्य करते हैं, जो उन्हें प्रभावी ढंग से स्थापित होने, बढ़ने और प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करते हैं। उनके द्वारा विभाग द्वारा संचालित योजनाएं जैसे- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के बारे में प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी देते हुए इनका लाभ उठाने हेतु प्रतिभागियों को प्रेरित किये।
इस अवसर पर ईओडीबी मैनेजर, जिला उद्योग केंद्र दुमका मनोज कुमार प्रमाणिक ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिले में उद्यमिता के क्षेत्र में विकास कि संभावनाओं के बारे में तथा उद्यम निबंधन कि प्रक्रिया एवं इसके लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उनके द्वारा कहा गया कि इस प्रकार के जागरूकता शिविरों के माध्यम से न केवल पंजीकरण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि दुमका जिले में स्वरोजगार और उद्यमिता को भी बल मिलता है।
प्रखंड उद्यमी समन्वयक, निशांत निश्चय, मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, जरमुंडी के द्वारा बताया गया कि क्षेत्र मे बांस एवं चमड़ा से निर्मित उत्पादों का निर्माण स्थानीय कारीगर के द्वारा किया जा रहा है. उनके द्वारा उपस्थित उद्यमियों को विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया. मौके पर कुल 88 उद्यमी उपस्थित रहे.
