
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 मई।आरा नगर निगम के कर्मियों द्वारा वेतनमान, एरियर एवं सेवा लाभ की मांग को लेकर शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब शहर की व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। हड़ताल के कारण घर-घर कचरा उठाव पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे शहर के विभिन्न मोहल्लों में कूड़े का अंबार लगने लगा है और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर नागरिकों और कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष देखा जा रहा है। सफाईकर्मियों का आरोप है कि वर्ष 2017 से लंबित वेतन पुनरीक्षण का लाभ अब तक नहीं दिया गया है। साथ ही नियमित वेतन भुगतान, एरियर और अन्य सेवा लाभ भी समय पर नहीं मिल रहे हैं। जानकारी के अनुसार कई सफाईकर्मियों को केवल 26 दिनों का ही भुगतान किया जाता है, जबकि वे लगातार कार्य करते हैं।कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम का बजट बड़ा होने के बावजूद जमीनी स्तर पर सुविधाएं और व्यवस्था नजर नहीं आती। दूसरी ओर सफाईकर्मियों जैसे निचले स्तर के कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए बार-बार आंदोलन और हड़ताल का सहारा लेना पड़ता है। शहरवासियों का भी मानना है कि नगर निगम में वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। मेयर से लेकर निगम अधिकारियों तक पर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल सका है।हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कई इलाकों में सड़कों और गलियों में कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है तथा लोगों में बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने और सफाईकर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।
